पश्चिमी यूपी व एनसीआर की प्रमुख स्टील निर्माता राठी समूह की तीन कंपनियों की करीब 200 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है। मंगलवार को कर अनुसंधान इकाई (लखनऊ) ने दिल्ली और वेस्ट यूपी के पांच जिलों में 10 घंटे तक छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक टैक्स चोरी का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि समूह की 15 और कंपनियों पर कार्रवाई जारी है। इनमें चार कंपनी दिल्ली की हैं।
फर्जी बिल के जरिये आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम करने की शिकायत पर वाणिज्य कर विभाग की कर अनुसंधान इकाई की 18 टीमों ने मंगलवार सुबह दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, हापुड़, अलीगढ़ में छापे मारे। टीम ने सबसे पहले केएल राठी स्टील लिमिटेड बिसरख रोड नोएडा, राठी इंडस्ट्री लिमिटेड जीटी रोड छपरौला (गौतमबुद्धनगर) व गाजियाबाद में श्री राठी स्टील लिमिटेड यूपीएसआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया बुलंदशहर रोड पर छापा मारा। बिलों पर लोहा व स्टील की फर्जी खरीद दिखाई गई है, लेकिन असल में इनकी कभी सप्लाई की ही नहीं की गई।
अब तक की जांच में 200 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी बिल मिले हैं। ऐसा सिर्फ इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम एक-दूसरे को ट्रांसफर करने की नीयत से किया गया है।
- संजय पाठक, ज्वाइंट कमिश्नर, कर अनुसंधान इकाई