जनपद में एक बार फिर सर्किल रेट बढ़ने जा रहे हैं। स्टांप विभाग ने नए सर्किल रेट लागू करने की कवायद शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि एक अगस्त 2014 से गाजियाबाद में करीब 25 प्रतिशत तक का इजाफा सर्किल रेट में हो सकता है।
स्टांप एवं निबंधन विभाग के एआईजी जीपी सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि वर्तमान में जो सर्किल रेट जिले में लागू हैं, वह 1 अगस्त 2013 से चले आ रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इसे रिवाइज किया जाता है। इसी के चलते अभी से कवायद शुरू हुई है।
उन्होंने बताया कि शुरूआती चरण में प्रस्तावित सर्किल रेटों की सूची विभिन्न विभागों से मांगी गई है। इसके बाद इस सूची पर आपत्ति और सुझाव मांगे जाएंगे। एआईजी स्टांप का कहना है कि प्रत्येक दशा में नए सर्किल रेट 1 अगस्त 2014 से लागू कर दिए जाएंगे।
उनका कहना है कि कुछ इलाकों में 10 फीसदी और कुछ में 40 फीसदी सर्किल रेट बढ़ाए जाने की उम्मीद है। औसतन जिले भर में 20 से 25 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ाए जा सकते हैं।
औद्योगिक क्षेत्रों के रेट पर असमंजस
जिला प्रशासन द्वारा सर्किल रेट बढ़ाने की प्लानिंग हो रही है। जिला प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्रों के भूखंडों के लिए यूपीएसआईडीसी को पत्र लिखा है। इसमें अधिकारियों ने औद्योगिक क्षेत्रवार सर्किल रेट की लिस्ट मांगी है। इधर यूपीएसआईडीसी ने पहले ही प्रशासन को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है कि औद्योगिक भूखंडों का रेट न बढ़ाया जाए। शहर में जमीनों के रेट फिर से बढ़ाने की कवायद हो रही है।
यूपीएसआईडीसी के रीजनल मैनेजर मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा विभाग से औद्योगिक क्षेत्रों के सर्किल रेट की लिस्ट मांगी है। जिसमें विभाग को बताना होगा कि कितना रेट बढ़ाया जा सकता है। यूपीएसआईडीसी पिछले वर्ष ही लिखित में दे चुका है कि औद्योगिक क्षेत्रों का सर्किल रेट न बढ़ाया जाए। सर्किल रेट बढ़ेगा तो नए उद्यमी यहां नहीं आएंगे। वहीं शहर में नए औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए जगह ही नहीं बची है। फिलहाल विभाग प्रशासन के सामने यह प्रस्ताव रखेगा। ताकि औद्योगिक भूखंडों का रेट न बढ़े।