चुनावी वर्ष में दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड ट्रेन के रूट का निर्माण तेजी से होगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब भूमि पूजन की तैयार है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की तरफ से भी तैयार पूरी है। मंजूरी के बाद अब डिपो निर्माण की दिशा में जमीन अधिग्रहण पर भी गाजियाबाद व मेरठ में तेजी से काम होना है।
दोनों ही जिलों के जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी को केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से निर्देश दिया गया है कि जमीन खरीद प्रक्रिया से जुड़े औपचारिकताओं को जल्द पूरा कर लिया जाए।
सराय काले खां से मेरठ के बीच 82 किमी की दूरी रैपिड ट्रेन 55 मिनट में तय करेगी। इस रूट के निर्माण पर 30274 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। वर्ष 2025 तक पूरा रूट बनकर तैयार होना। दुहाई व उससे सटे 10 गांवों की जमीन पर डिपो बनाया जाना है। इसके लिए जमीन पहले से चिन्हित की जा चुकी है। उधर, दूसरी डिपो मेरठ के मोदीपुरम में बनाया जाना है। पूरे प्रोजेक्ट के लिए एनसीआरटीसी जमीन खरीद रहा है। इसलिए अधिग्रहण नहीं होगा बल्कि प्रशासन एनसीआरटीसी के साथ मिलकर जमीन खरीद में मदद कर रहा है।
इसके लिए शासन के निर्देश पर दोनों जिलों के जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में पहले से कमेटी गठित है। जमीन खरीद प्रक्रिया बीते वर्ष अगस्त में शुरू होनी थी लेकिन प्रोजेक्ट को लेकर दिल्ली सरकार के सुप्रीम कोर्ट में जाने व कैबिनेट की मंजूरी न मिलने के बाद पूरी प्रक्रिया धीमी पड़ी थी।
गाजियाबाद में जमीन का सर्वे व चिन्हांकन पहले से किया जा चुका है। बस अब कीमतों को इसे लेकर किसानों के साथ वार्ता होना है। इसको लेकर प्रशासन किसानों के मांग पत्र भी एनसीआरटीसी को मुहैया करा चुकी है, जिसके हिसाब से किसान जमीन का खरीद मूल्य मांग रहे हैं। उधर, एनसीआरटीसी ने कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद भूमि पूजन को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है।