दिल्ली में शादीशुदा महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में आरोपी को विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी चाहकर भी पीड़िता से शादी नहीं कर सकता था, क्योंकि वह पहले से शादीशुदा थी।
महिला ने उत्तम नगर थाने में दिसंबर 2011 में केस दर्ज करवाकर आरोपी पर तीन साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
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तीस हजारी अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निवेदिता अनिल शर्मा ने उत्तम नगर निवासी आरोपी को बरी करते हुए कहा कि दुष्कर्म की एफआईआर तीन साल की देरी से दर्ज करवाई गई और इस देरी का कोई जवाब न पीड़िता और न अभियोजन पक्ष ने दिया।
अदालत ने कहा कि पीड़िता ने अपनी पहली शादी के दौरान खुद संबंध बनाए। दिसंबर 2011 में महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पहले नशा देकर उससे दुष्कर्म किया और उसी दौरान वीडियो बनाया।
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उसने इन्हें इंटरनेट पर डालने और चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी दी। यह डर दिखाकर आरोपी उससे तीन साल तक दुष्कर्म करता रहा।