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गिरफ्तारी के समय रंजीत के कमरे में क्या कर रहे थे जज?

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दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने मंगलवार रात को जिस समय रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल हसन को द्वारका इलाके से गिरफ्तार किया था उस समय महिपालपुर स्थित उसके होटल के कमरे में एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मौजूद थे।
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ये अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश झारखंड के हैं और आरोपी के अच्छे दोस्त बताए जाते हैं। सवाल ये खड़ा होता है कि क्या न्यायाधीश को आरोपी के वांटेड होने के बारे में जानकारी नहीं थी?

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के साथ ही आरोपी की मां कौशल्या झारखंड से दिल्ली आई थी। मां नसीरपुर में होटल कर्मचारी के घर में रह रही थी।
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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी हाईप्रोफाइल लोगों के साथ उठता-बैठता था। झारखंड के एक बड़े एसपी स्तर के पुलिस अधिकारी और जजों से उसकी दोस्ती है। अगस्त महीने की शुरुआत में झारखंड के एक जूनियर मंत्री ने रंजीत कोहली को निमंत्रण पत्र भेजा था।

इस पत्र में उसका नाम रकीबुल हसन लिखा हुआ था। इस पत्र से इसके धर्म परिवर्तन के बारे में खुलासा हुआ था और पत्नी शूटर तारा को पता लगा था। इसके बाद तारा और रंजीत की दूरियां बढ़ती चली गई थीं।
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जब रंजीत ने की तारा की पिटाई

इस वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रंजीत ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वर्ष 2007 में उसकी मुलाकात आरिफ बाबा से हुई थी। आरिफ बाबा ने उसे नाम बदलने, कुरान पढ़ने और नमाज अदा करने के लिए कहा। वह शूटिंग रेंज में जाता था, यहां इसकी एक डीएसपी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार आदि से दोस्ती हो गई।

शूटिंग के दौरान ही इसकी तारा से मुलाकात हुई थी। 7 जुलाई को तारा व रंजीत की शादी हो गई। इसके बाद तारा का रंजीत की मां कौशल्या से झगड़ा हुआ। इस झगड़े के बाद रंजीत ने तारा की पिटाई कर दी। इसके बाद ये 24 अगस्त को मां और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के साथ दिल्ली आ गया था।

दिल्ली आने के बाद ये हरियाणा चला गया था। मंगलवार की रात जब ये हरियाणा से लौट रहा था तभी झारखंड पुलिस के साथ मिलकर स्पेशल सेल की टीम ने इसे द्वारका से पकड़ लिया।

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने इस बात को स्वीकार किया है कि वह नमाज पढ़ता है। आरोपी पटना में पैदा हुआ था और मूलरूप से सिख है। पिता का नाम हरनाम सिंह कोहली है।

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने अपनी मां कौशल्या के नाम पर कौशल्या बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड इंस्टीट्यूट (एनजीओ जैसा) खोल रखा है। आरोपी दावा करता है कि उसका इंस्टीट्यूट गरीब बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाता है और उनकी सहायता करता है। हालांकि दिल्ली पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपी लाइजनिंग का काम करता था।
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