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रंग पल्लव 3.0 : बाल कलाकारों ने बिखेरा रंगमंच का जादू

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प्रस्तुति देते कलाकार। - फोटो : Amar Ujala
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एनएसडी-आईओसीएल के संयुक्त आयोजन में सात राज्यों के 300 बच्चों ने प्रस्तुत कीं आठ प्रभावशाली नाट्य कृतियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के संयुक्त सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय बाल रंगमंच महोत्सव ‘रंग पल्लव 3.0’ का अभिमंच सभागार में भव्य समापन हुआ। दो दिवसीय महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 300 बाल प्रतिभागियों ने अपनी रंगमंचीय प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
ग्रामीण, जनजातीय और वंचित समुदायों से जुड़े बच्चों के लिए आयोजित इस पहल के अंतर्गत सात राज्यों की आठ नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की गईं। ‘शांति की पुकार’, ‘द मिसाइल मैन’, ‘हाताओ आबा-आबा’, ‘शबरी के राम’, ‘भूतनगरी’, ‘मो सांग’, ‘दीपदान’ और ‘प्यार सत्कार’ जैसी प्रस्तुतियों ने सामाजिक सरोकारों, लोककथाओं, प्रेरक व्यक्तित्वों और मानवीय मूल्यों को प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुंचाया। सभी प्रस्तुतियों को दर्शकों की भरपूर सराहना मिली।
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समापन समारोह में आईओसीएल की निदेशक (मानव संसाधन) रश्मि गोविल मुख्य अतिथि, अभिनेता आदिल हुसैन विशिष्ट अतिथि तथा आईओसीएल के कार्यकारी निदेशक (समन्वय एवं सीएसआर) विभूति रंजन प्रधान विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर एनएसडी की आंतरिक पत्रिका ‘राजभाषा मंजूषा’ के 30वें और 31वें अंक का लोकार्पण तथा वरिष्ठ रंगकर्मी गुलशन वालिया की बाल नाट्य कृति ‘ओ गॉड तुस्सी ग्रेट हो’ का विमोचन भी किया गया।
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एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने कहा कि रंगमंच बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और संवेदनशीलता के विकास का सशक्त माध्यम है। वहीं रश्मि गोविल ने ‘रंग पल्लव’ को राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया। अभिनेता आदिल हुसैन ने बच्चों को कला के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
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