नई दिल्ली।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि रामलीलाएं भारतीय संस्कृति और संस्कारों की अमूल्य धरोहर हैं। इनके माध्यम से नई पीढ़ी, विशेषकर जेन जी को प्रभु श्रीराम के त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श शासन व्यवस्था रामराज की अवधारणा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को उपराज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान उन्हें रामलीला में सुविधानुसार किसी भी दिन शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। उपराज्यपाल ने कमेटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वह भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। संधू ने इस वर्ष कमेटी की ओर से हजारों तुलसी के पौधे वितरित करने और ‘घर-घर राम, घर-घर तुलसी’ अभियान चलाने की पहल की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने इसे युवाओं को भारतीय संस्कृति और प्रकृति से जोड़ने वाला प्रेरणादायी प्रयास बताया। कमेटी अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि उपराज्यपाल के सहयोग और मार्गदर्शन से रामलीला आयोजकों की समस्याओं के समाधान में मदद मिली है। इस अवसर पर महासचिव सुभाष गोयल ने उपराज्यपाल को प्रभु श्रीराम की प्रतिमा और रामनामी पटका भेंटकर सम्मानित किया।