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जेएनयू नहीं आएंगे रामदेव, कहा नहीं दी सहमति

Tue, 29 Dec 2015 12:29 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में चल रहे सोमवार से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय वेदांत कांग्रेस में योग गुरु स्वामी रामदेव नहीं आएंगे।
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उनके आगमन की खबर के बाद से वामपंथी छात्र संगठनों ने विरोध शुरू किया तो दक्षिणीपंथी छात्र संगठन समर्थ में उतर आए। वामपंथी संगठनों ने इसे लेकर जेएनयू प्रशासन से मिलकर इसका विरोध जताया।

लेकिन इसी उठापटक के बीच आगमन की खबर को खारिज करते हुए खुद स्वामी रामदेव ने ट्विट कर कहा कि जेएनयू में आकर छात्रों व शिक्षकों से बातचीत करने में मुझे खुशी होगी। लेकिन फिलहाल मैंने या मेरे कार्यालय ने वहां किसी भी कार्यक्रम में आने की सहमति नहीं दी है।
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सम्मेलन का आयोजन करा रहे जेएनयू के संस्कृत स्टडी सेंटर के गिरीश नाथ झा ने बताया कि स्वामी रामदेव को इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए बुलावा भेजा गया था। मैने खुद व्यक्तिगत तौर पर उनके कार्यालय में संपर्क किया था। उनके आगमन की तारीख 30 दिसंबर थी उनके ऑफिस की ओर से इसे लेकर अभी तक कोई मंजूरी नहीं मिली थी, अब उनका आ पाना संभव नहीं है।

गिरीश नाथ झा ने कहा कि सोमवार को इस संबंध में स्वामी रामदेव के कार्यालय में फिर बात हुई है। वह जेएनयू आना चाहते है लेकिन 30 दिसंबर को आ पाना मुमकिन नहीं है।
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'कैंपस आए तो होगा जोरदार स्वागत'

उधर स्वामी रामदेव के आगमन की खबर के बाद सोमवार को जेएनयू छात्रसंघ उपाध्यक्ष शेहला राशिद ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन व अन्य छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं की ओर से रामदेव को बुलाए जाने का विरोध जताया।

 शेहला ने बताया कि उन्होंने इसका लिखित रूप से विरोध जताने के बाद सोमवार को जेएनयू प्रशासन से भी मुलाकात कर अपना विरोध जताया। जिसके बाद प्रशासन की ओर से उन्हें लिखित में जवाब दिया गया कि स्वामी रामदेव कैंपस नहीं आ रहे है।

वहीं जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने जेएनयू आने पर बारा रामदेव का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अगर वह कैंपस आते है उनका पूरजोर स्वागत किया जाएगा।

उन्होंने उनका विरोध करने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि जिस शख्सियत ने योग को विश्व में पहचान दिलाई उसका विरोध करने वाले राष्ट्रप्रेमी नहीं हो सकते है।
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