अब जब अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की प्रतीक्षा पूरी होने जा रही है और पांच अगस्त को राममंदिर का भूमि पूजन होगा तो ऐसे में इसमें आस्था रखने वाला हर कोई उत्साहित है। कोरोना महामारी के चलते इस भव्य कार्यक्रम में गिने-चुने लोग ही शामिल होंगे लेकिन शामिल होने वाला हर शख्स खास होगा। ऐसे ही एक खास शख्स होंगे भगवान राम के ननिहाल से पहुंचने वाले मोहम्मद फैज खान।
गोभक्त मोहम्मद फैज खान गुरुवार को ही छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित माता कौशल्या मंदिर से मिट्टी लेकर अयोध्या के लिए रवाना हो चुके हैं। वह पदयात्रा कर अयोध्या पहुंचेंगे। मोहम्मद फैज को पांच अगस्त को वहां पहुंचना है, जिससे वह भगवान राम के ननिहाल यानी माता कौशल्या के मायके की मिट्टी राम मंदिर की नींव में मिला सकें।
जानकारी के अनुसार मोहम्मद फैज गोभक्त और रामकथा वाचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने अपनी पदयात्रा जयस्तंभ चौक से शुरू की। अयोध्या पहुंचने से पहले वह बिलासपुर, अमरकंटक, शहडोल और प्रयागराज होते हुए अयोध्या पहुंचेंगे। उनकी यह यात्रा 796 किलोमीटर की होगी।
हर शुभ कार्य में होता है ननिहाल का योगदान
बताया जा रहा है कि यात्रा शुरू करते वक्त गोभक्त खान ने कहा कि भगवान राम का ननिहाल दक्षिण कौशल अब भले ही छत्तीसगढ़ के नाम से जाना जाता है, लेकिन यहां के लोगों के रोम-रोम में राम बसे हैं। वह आगे बोले कि सनातन परंपरा रही है कि प्रत्येक शुभ कार्य बिना ननिहाल के योगदान के पूरा नहीं होता, ऐसे में यहां के लोगों की इच्छा है कि प्रभु के ननिहाल की मिट्टी अयोध्या भेंट स्वरूप पहुंचे।