हाईकोर्ट ने वित्तमंत्री अरुण जेटली पर मानहानि मामले में जिरह के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अधिवक्ता रामजेठमलानी द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को गंभीरता से लिया है। अदालत ने कहा कि जिरह तय कानून के दायरे में होनी चाहिए।
इस प्रकार की टिप्पणियों से मानहानि करने वाले व्यक्ति को और अधिक अपमान का सामना करना पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसी टिप्पणियां दुष्कर्म के मामले में होने लगीं तो पीड़िता का तो बार-बार अदालत में ही बलात्कार होगा।
न्यायमूर्ति मनमोहन ने मानहानि मामले से ही जुड़े एक आवेदन पर सुनवाई के दौरान कहा कि अगर वरिष्ठ अधिवक्ता रामजेठमलानी ने यह टिप्पणियां प्रतिवादी बनाए गए मुख्यमंत्री केजरीवाल की हिदायत पर की हैं तो पहले केजरीवाल बाक्स में आएं और इन्हें सही साबित करें।
अदालत ने टिप्पणियों को अपमानजक और अप्रिय करार देते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अनुमति नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि बुधवार को जिरह के दौरान जेटली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं थी
इस दौरान एक आपत्तिजनक शब्द को लेकर दोनों पक्षों में गरमागरम बहस भी हो गई थी। अदालत ने इसी मामले में आप नेता राघव चड्ढ़ा की उस अर्जी पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन्होंने अपने बयान में संशोधन करने की अनुमति मांगी है।
‘अगर केजरीवाल ने कराई टिप्पणी, तो मानहानि राशि बढ़ाएंगे’
जेटली और जेठमलानी
- फोटो : अमर उजाला
मामले में सुनवाई के दौरान जेटली की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर व संदीप सेठी ने अदालत के समक्ष बुधवार को जेठमलानी द्वारा की टिप्पणियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम यह तय होना चाहिए कि अधिवक्ता रामजेठमलानी ने यह टिप्पणियां मुख्यमंत्री की हिदायत पर की हैं या फिर अपने स्तर पर।
यदि टिप्पणियां मुख्यमंत्री के इशारे पर की गई हैं तो वे मानहानि की राशि 10 करोड़ से बढ़ा कर 20 करोड़ करेंगे। वहीं, अगर जेठमलानी ने खुद ऐसा कहा है तो यह बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के खिलाफ है और वे जेठमलानी के खिलाफ शिकायत करेंगे।
इस पर अदालत ने कहा कि वे संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष इस संबंध में अलग से आवेदन दायर कर सकते हैं। संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष सुनवाई 28 व 31 जुलाई तय है। अदालत ने राघव चड्ढा की अर्जी पर सुनवाई 26 मई तय की है।
डीडीसीए विवाद से जुड़ा है मामला
पेश मामले में जेटली ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आप नेता राघव चड्ढ़ा, संजय सिंह, आशुतोष, कुमार विश्वास और दीपक वाजपेयी समेत छह लोगों के खिलाफ 10 करोड़ के सिविल मानहानि का केस दायर किया है। आरोप है कि इन सभी ने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) विवाद में उन्हें बदनाम किया है। उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी की है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।