पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि 30 अगस्त को सुबह 10:58 तक चतुर्दशी है। उसके बाद पूर्णिमा तिथि आएगी लेकिन उसी समय भद्रा काल भी शुरू हो जाएगा। भद्रा रात 9:01 तक रहेगी क्योंकि इस बार भद्रा का वास पृथ्वी पर ही है। इसीलिए इस दिन पूरे दिन रक्षाबंधन नहीं मनाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार सूर्य उदय के समय जो तिथि रहती है पूरे दिन उसी तिथि को माना जाता है। उसी दिन को व्रत के पूजा, यज्ञ अनुष्ठान, स्नान और दान के लिए संपूर्ण दिन में पुण्य फल प्रदान करने वाली माना गया है। चाहे वह एक घटी हो या आधी घटी ही क्यों ना हो। 31 अगस्त को सुबह पूर्णिमा तिथि 7:05 बजे तक रहेगी जो कि तीन घटी नहीं है फिर भी इसी दिन रक्षाबंधन मनाना शुभ होगा।