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विधायक राजेश गर्ग ने बढ़ाई आप की मुसीबत

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दिल्ली के रोहिणी से ‘आप’ विधायक राजेश गर्ग ने पार्टी की मुसीबत बढ़ा दी है। आलम यह है कि आम आदमी पार्टी के पास राजेश गर्ग की चिट्ठी का ठोस जवाब नहीं है।
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पार्टी का कहना है कि इस बारे में अभी तक गर्ग से औपचारिक संपर्क नहीं हुआ है। लिहाजा कोई प्रतिक्रिया देना मुमकिन नहीं है। पार्टी गर्ग के सोशल नेटवर्किंग साइट और फेसबुक अकाउंट हैक होने की आशंका भी जता रही है।

वहीं, राजेश गर्ग शहर से बाहर होने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह अभी इस मसले पर किसी तरह की बात करने की हालत में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 13 अक्तूबर को वह मीडिया के सामने आएंगे।
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चिट्ठी लिखने के बाद राजेश गर्ग ने शहर से बाहर होने का किया दावा

गर्ग के एक सहयोगी ने बताया कि विधायक को पिछले कई दिनों से धमकियां मिल रही हैं। इस बारे में पुलिस से शिकायत भी की गई है। चिट्ठी सार्वजनिक करने के बाद उन्होंने शहर से बाहर जाने का फैसला किया है।

13 अक्तूबर को रोहिणी कोर्ट में एक मामले की सुनवाई है। उस समय वह अदालत में मौजूद रहेंगे। साथ ही मीडिया से बात भी करेंगे। दूसरी तरफ गर्ग की चिट्ठी सार्वजनिक होने के बाद दूसरे विधायक भी उनके समर्थन में आ रहे हैं।

नाम उजागर न करने की शर्त पर पार्टी के एक अन्य विधायक ने कहा कि गर्ग की बातें कुछ हद तक ठीक हैं। इस दिशा में पार्टी को विचार करना चाहिए।

वहीं, आम आदमी पार्टी से निकाले गए लक्ष्मी नगर से विधायक विनोद कुमार बिन्नी ने भी गर्ग के पत्र का समर्थन किया है। बिन्नी का कहना है कि पार्टी अपने मुद्दों से भटक गई है। पार्टी स्वराज की नहीं सत्ता की राजनीति कर रही है।
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'गर्ग के पत्र से खुली केजरी की पोल'

आम आदमी पार्टी के विधायक राजेश गर्ग के पत्र को आधार बनाकर प्रदेश भाजपा ने अरविंद केजरीवाल को कटघरे में खड़ा किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा है कि केजरीवाल को यह साफ करना चाहिए कि वह कौन सा घोटाला है जिसका जिक्र उनके विधायक राजेश गर्ग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा है कि गर्ग का आरोप अगर सच है कि केजरीवाल और आशुतोष को दिल्ली में हुए घोटालों की जानकारी है बावजूद वे चुप है तो यह मामला गंभीर है। उपाध्याय ने यह भी कहा है कि राजनीति में स्वच्छता, पारदर्शिता और नैतिकता की बात करने वाले केजरीवाल को यह स्पष्ट करना होगा कि घोटालों के आरोपों का आखिर सच क्या है?
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