राजस्थान से आने वाली हवाओं ने राजधानी की आबोहवा में धूल बिखेर दी है
ससे वायु गुणवत्ता सूचकांक औसत से खराब होने की सीमा पर पहुंच गया है
रविवार को सूचकांक 200 पर रिकार्ड किया गया, जिसमें एक अंक की बढ़ोतरी हवा के स्तर को खराब करेगी
लॉकडाउन-4 में प्रवेश करने से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हवा प्रदूषित हो गई है। राजस्थान से आने वाली हवाओं ने राजधानी की आबोहवा में धूल बिखेर दी है। इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक औसत से खराब होने की सीमा पर पहुंच गया।
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रविवार को सूचकांक 200 पर रिकार्ड किया गया, जिसमें एक अंक की बढ़ोतरी हवा के स्तर को खराब करेगी। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में राजस्थान से धूल का गुबार दिल्ली-एनसीआर पहुंचेगा। इससे इलाके की हवा खराब होने की आशंका जाहिर की जा रही है।
सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक सप्ताह में दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार खराब हुई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 11 मई के 116 अंक से बढ़कर रविवार को 200 अंक पर पहुंच गया है। प्रदूषकों में बड़ी हिस्सेदारी धूल के महीन कणों पीएम10 की है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से बीते एक हफ्ते में दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधियां आई हैं, उसने धूल के कणों की मात्रा हवा में बढ़ाई है। इसका सीधा असर हवा की गुणवत्ता पर दिख भी रहा है।
उधर, सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में राजस्थान की तरफ से धूल भरी हवाओं के दिल्ली-एनसीआर पहुंचने का अंदेशा है। इससे यहां की हवा में धूल के महीन कणों पीएम10 की मात्रा बढ़ेगी, और गुणवत्ता में खराबी आएगी। सफर के मुताबिक, हवा खराब करने की बड़ी वजह राजस्थान से दिल्ली पहुंचने वाली लंबी दूरी की हवाएं हैं। यह अपने साथ धूल के कणों को लेकर चल रही हैं।