आपसी विवाद के बाद कुछ युवकों ने बाबा रामदास और उनके लिए खाना लेकर आए विनोद नाम के युवक की ईंट पत्थर से कुचल कर हत्या कर दी। शोर शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे ईश्वर नाम के युवक को भी हमलावरों ने ईंट पत्थर से हमला कर घायल कर दिया, लेकिन वह बचकर भागने में कामयाब हो गया। पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
मुजेसर गांव स्थित बाबा हृदयराम मंदिर परिसर में संन्यासी बाबा रामदास और शिष्य पलटूदास कुटिया बना कर रहते थे। गांव के कुछ परिवार बारी-बारी से बाबा को भोजन पहुंचाया करते हैं। शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे गांव के विनोद अपने रिश्ते के भाई ईश्वर के साथ बाबा को खाना देने गया था।
ईश्वर ने बताया कि खाना देने के बाद बाबा से उनकी बातचीत होने लगी तो दोनों वहीं बैठ गए। इस दौरान तीन नकाबपोश युवक मंदिर परिसर की दीवार फांद कर अंदर आ गए। विनोद ने उन्हें देख लिया तो ललकार कर एक को पकड़ लिया। ईश्वर ने बताया कि तीनों के नकाब हटाए गए तो वह पड़ोस की ही ऑटोपिन झुग्गी के रहने वाले राधे उर्फ संजू, छोटेलाल और अनिल निकले। ईश्वर का कहना है कि तीनों ही चोरी, छिनैती का काम करते हैं।
तीनों मंदिर में भी दो-तीन बार चोरी कर चुके हैं। तीनों पर मंदिर में चोरी करने के लिए नकाब पहन कर घुसने का आरोप लगाते हुए विनोद ने संजू को दो तीन थप्पड़ जड़ दिए। ईश्वर ने बताया कि इसके बाद सब लोग बैठकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे और वह घर वापस लौट गया।
वह कुछ दूर पहुंचा होगा कि विनोद के चीखने की आवाज सुनकर वापस लौटा। मंदिर पहुंचने पर देखा कि संजू हाथ में पत्थर उठाए हुए है और बाबा रामदास के सिर पर मार रहा है, जबकि विनोद लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा था। हमलावरों ने ईश्वर को भी पकड़ लिया।
ईश्वर का कहना है कि उसके सिर पर भी पत्थर से हमला किया गया, लेकिन वह किसी तरह बच कर भागने में कामयाब रहा। हमलावर भी फरार हो गए। गांव जाकर लोगों को घटना की जानकारी दी। लोगों ने बाबा और विनोद को उठा कर बीके अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतक विनोद के भाई विकास उर्फ विक्की ने मुजेसर थाने में राधे उर्फ संजू, छोटेलाल और अनिल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसएचओ मुजेसर ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए संभावित जगहों पर दबिश दी जा रही है।