रबी के मौसम में बेहतर फसल उत्पादन की उमीद लगाए बैठे मेवात के किसानों को आए दिन हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।
दिनों दिन होती बारिश से न केवल किसान अपनी फसलों को लेकर चिन्तित हैं बल्कि उन्हें इससे पिछले के आपदा की याद आने लगी है। अगर बारिश और ओलावृष्टि फसलों पर कहर बनकर टूटती रही तो किसानों को पिछले साल जैसी आपदा का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं मौसम विभाग भारी बारिश और ओलावृष्टि होने की पहले ही चेतावनी दे चुका है। बता दें कि इस समय मेवात में गेंहू और सरसों की फसल की कटाई का समय चल रहा है। लेकिन आए दिन बेमौसम हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ाकर रख दी है।
बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हो रही फसल को लेकर क्षेत्रीय किसान काफी परेशान दिखाई दे रहें हैं। क्षेत्रीय किसान जुमेखां, जान मोहमद, रफीक अहमद, इकराम खान, रामलाल, दिनेश कुमार, अली मोहमद और असरुदीन आदि ने बताया कि इस समय सरसों और गेंहू की फसल खेतों में पककर तैयार खड़ी है।
सरसों की कटाई तो जोरों से चल रही है वहीं गेंहू की फसल में अभी कुछ समय बाकी है। लेकिन आए दिन बैमौसम हो रही बरसात ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बारिश और ओलावृष्टि से कई स्थानों पर फसलें प्रभावित हुई हैं। जिसमें भारी नुकसान की खबरें भी सामने आ रहीं हैं। वहीं फसलों के अलावा सब्जी उत्पादन पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
सब्जी उगाने वाले किसानों को बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। किसानों के खेतों में खड़ी टमाटर, बैंगन और अन्य सब्जी की खेती भी इससे काफी प्रभावित हुई है।
किसानों ने बताया कि उन्हें डर है कि यदि इसी प्रकार बारिश और ओलावृष्टि बनी रही तो उन्हें पिछले साल जैसी आपदा से जूझना पडेगा जिसमें उन्हें काफी नुकसान हुआ था।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता अखतर हुसैन एडवोकेट ने मेवात के किसानों की फसलों में हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी कराने को लेकर उपायुक्त मेवात को ज्ञापन सौंपा है।
उन्होंने बताया कि पिछले साल का मुआवजा कुछ किसानों को आज तक नहीं मिला जबकि किसान प्रशासन से लेकर सरकार तक अपनी फरियाद लगा चुके थे। उन्होंने मांग की है कि सरकार प्रभावित किसानों की जमीनों की गिरदावरी कराकर उन्हें मुआवजा दे ताकि किसानों को इससे राहत मिल सके।