मौसम विभाग के अनुसार अगले सप्ताह तक प्री मानसून की बारिश की संभावना नहीं है, ऐसे में 21 जून तक तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, राजधानी में सोमवार को न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। यह सामान्य से .7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, सुबह से ही कड़ी धूप ने राजधानीवासियों को परेशान किया। दोपहर में मौसम ने करवट ली और बादल छा गए। इस दौरान लगभग 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। आंधी के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली और तापमान में कमी आई। दोपहर में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई।
एक सप्ताह में 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में अगले एक सप्ताह तक मौसम में अधिक बदलाव नहीं होगा। कहीं-कहीं हल्के बादलों की आवाजाही रहेगी लेकिन, न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने से लोगों को गर्मी परेशान करेगी। 20 से 21 जून तक न्यूनतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
नोएडा में आंधी के साथ शुरू हुई बारिश
नोएडा में मंगलवार सुबह मौसम साफ रहा और तेज धूप देखने को मिली, लेकिन करीब 7 बजे अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाओं और आंधी के साथ शुरू हुई बारिश ने पूरे शहर को भिगो दिया। सुबह 9:30 बजे से शुरू हुई बारिश का दौर कई क्षेत्रों में जारी रहा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
नोएडा में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना
बारिश के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर ट्रैफिक जाम भी देखने को मिला, जिससे कार्यालय जाने वाले लोगों की रफ्तार धीमी पड़ गई। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भी बारिश और बादलों की आवाजाही का पूर्वानुमान जताया है।
गुरुग्राम में जलभराव, यातायात बुरी तरह प्रभावित
गुरुग्राम में हुई झमाझम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई हिस्सों में, विशेष रूप से बस स्टैंड रोड पर, जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।