हवा की दिशा बदलने और हवा के साथ आई नमी के बाद हुई बारिश की वजह से प्रदूषण में कमी आई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सोमवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 244 प्रति क्यूबिक मीटर के अंक पर रहा। जो खराब की श्रेणी में रखा जाता है, जबकि शनिवार तक गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 368 प्रति क्यूबिक मीटर था।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि बारिश की वजह से प्रदूषण के बादल काफी हद तक छंटे हैं। सोमवार दोपहर बाद चली तेज हवाओं और बारिश की वजह से मंगलवार को प्रदूषण का ग्राफ और नीचे गिरेगा। वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 प्रति क्यूबिक मीटर नीचे आने की संभावना है। मौसम के हिसाब से इस सप्ताह लोगों को सांस लेने के लिए साफ-सुथरी हवा मिलेगी।
मौसम खराब होने के कारण सोमवार को घाटी का फिर देश से संपर्क कट गया है। जवाहर टनल पर भारी बर्फबारी से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया गया। इससे दोनों ओर से हजारों वाहन फंसे हुए हैं। राजोरी और पुंछ को शोपियां (कश्मीर) से जोड़ने वाला मुगल रोड पहले से ही बंद चल रहा है। जम्मू और श्रीनगर में हवाई सेवाओं पर मार पड़ी है। त्रिकुटा पहाड़ियों में धुंध और बारिश से माता वैष्णो देवी चापर सेवा नहीं चल पाई। राज्य के अधिकतर मैदानी इलाकों में बारिश के साथ पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हो रही है।
मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार मंगलवार को भी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। इसमें जम्मू संभाग के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से खराब मौसम के कारण चार उड़ानें रद करनी पड़ी, जबकि 11 देरी से चली। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में बारिश के साथ घाटी के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हुई।
कठुआ जिले में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। डुग्गन, छत्रगलां, सरथल, रोल्पा, डोल्पा, भंडार आदि इलाकों में दूसरे दिन बर्फबारी हुई। राजोरी और पुंछ जिले में पीरपंजाल व अन्य पर्वतीय इलाकों में सफेद चादर बिछी। मुगलरोड पर भी बर्फबारी हुई है। यहां पहले ही बर्फ पूरी तरह से हटाई नहीं गई थी। जम्मू में बारिश से पारे में गिरावट आई है। लेकिन रात के न्यूनतम तापमान में सामान्य से बढ़ोतरी हुई है।
स्थान न्यूनतम तापमान
कारगिल माइनस 14.0
लेह माइनस 5.6
गुलमर्ग माइनस 4.0
पहलगाम माइनस 1.7
श्रीनगर माइनस 0.3
हिमाचल में भारी बर्फबारी की चेतावनी के बीच पहाड़ों पर हिमपात का दौर जारी है। विश्व प्रसिद्ध रोहतांग दर्रे समेत लाहौल, चंबा और किन्नौर के पहाड़ बर्फ से लकदक हो गए हैं। मनाली, डलहौजी, धर्मशाला और पालमपुर समेत सूबे के निचले इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। शिमला में भी सोमवार को दिन भर बादल छाए रहे। मौसम के इस बदले मिजाज के बीच पूरे प्रदेश में शीत लहर तेज हो गई है।
कई इलाकों में पारा शून्य से नीचे चला गया है। उधर, मौसम विभाग ने मंगलवार को भी मैदानों में बारिश और मध्य एवं उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। प्रदेश भर में 25 जनवरी तक बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर कुल्लू, लाहौल, चंबा और किन्नौर में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। लाहौल में हिमखंड गिरने की भी आशंका है। कुल्लू में अलर्ट के चलते प्रशासन ने पर्यटकों को संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है। एचआरटीसी ने भी खतरे वाले रूटों पर बस सेवा को बंद कर दिया है।
सोमवार को रोहतांग दर्रे पर 60 सेंटीमीटर तक हिमपात रिकॉर्ड किया गया है। चंबा के भरमौर-पांगी की चोटियों में रविवार रात हल्की बर्फबारी हुई। कुल्लू, मंडी, किन्नौर, कांगड़ा के पर्वतीय क्षेत्रों में भी बर्फबारी हो रही है। सूबे के किसान- बागवान अच्छी बारिश और बर्फबारी की आस लगाए बैठे हैं। ठीक बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में खेतों में गेहूं पीली पड़ गई है।
कहां कितनी बर्फबारी
रोहतांग 60 सेमी
कोकसर 35 सेमी
केलांग 15 सेमी
कल्पा 05 सेमी
न्यूनतम तापमान
केलांग -3.2
कल्पा -1.2
मनाली 1.6
डलहौजी 2.2
कुफरी 3.1
धर्मशाला 5.2
शिमला 6.9
पहाड़ में सोमवार को मौसम ने फिर करवट ली है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में सोमवार शाम पांच घंटे तक हिमपात हुआ है। धाम में करीब चार इंच तक नई बर्फ जम चुकी है।
धाम में अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम माइनस चार डिग्री दर्ज किया गया। हर दूसरे-तीसरे दिन मौसम खराब होने से पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ सहित चंद्रशिला सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हिमपात हुआ है।
उत्तरकाशी जिले में सोमवार देर शाम गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित सभी ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ है। बर्फबारी से गंगोत्री हाईवे पर धराली और यमुनोत्री हाईवे पर हनुमान चट्टी से आगे यातायात जोखिम भरा हो गया है।
हालांकि मौके पर मौजूद बीआरओ व एनएच के कर्मचारी लगातार हाईवे से बर्फ हटाकर यातायात सुचारु करने में लगे हुए हैं। उधर ताजा बर्फबारी से खरसाली, हर्षिल आदि ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य के करीब पहुंचने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। जिला मुख्यालय सहित निचले इलाकों में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
चमोली जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, नंदा घुंघटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। निचले क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से कोरी ठंड पड़ रही है। लोग दिनभर अपने घरों में ही दुबके रहे।