दिल्ली में हुई झमाझम बारिश ने 22 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राजधानी में 33.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। इससे हवा की गति धीमी होने के बाद भी शुक्रवार को प्रदूषण स्तर 130 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
वायु गुणवत्ता सूचकांक 240 दर्ज किया गया, जो अभी खराब श्रेणी में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का कहना है कि हवाओं के कमजोर होने से आने वाले दो दिनों में सूचकांक में बढ़ोतरी होगी।
मौसम विभाग का कहना है कि 22 सालों में पहली बार दिसंबर में 33.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले 1997 में 24 घंटों में 71.8 मिमी बारिश रिकार्ड हुई थी। वहीं, 3 दिसंबर 1923 को मौसम विभाग के दर्ज इतिहास में सबसे ज्यादा 75.5 मिमी बारिश हुई थी।
जबकि इस बीच 2003 में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। दूसरी तरफ मौसम विभाग के पालम स्टेशन पर 24 घंटों के बीच दिसंबर में सबसे ज्यादा 40.2 मिमी बारिश हुई।
उधर, सीपीसीबी का कहना है कि तेज बारिश के बावजूद प्रदूषण में अपेक्षित कमी नहीं आई है। शुक्रवार शाम 4 बजे हवा की गुणवत्ता खराब स्तर 240 पर रही। इसकी बड़ी वजह हवाओं का कमजोर पड़ना है।
शुक्रवार को हवा की चाल 8 किमी प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई। वहीं, मिक्सिंग हाइट भी 4 किमी के करीब रही। इससे प्रदूषक कण दूर-दूर तक नहीं फैल नहीं पाए। दूसरी तरफ अगले दो दिनों में भी हवाओं की चाल में कमी आ रही है। इस बीच 5-6 किमी प्रति घंटा हवाएं चलेंगी।