रेलवे आइसोलेश कोच में भर्ती कराए गए मरीज
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कोरोना से जंग के लिए तैयार रेलवे के कोविड केयर कोच का इस्तेमाल होना शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के बाद दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे शेड में भी मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। बुधवार को दो मरीज को आइसोलेशन कोच में उपचार के लिए भर्ती किया गया।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर बताया कि शकूरबस्ती रेलवे शेड में 10 आइसोलेशन कोच को कोरोना के कम लक्षण वाले मरीजों के लिए तैयार किया गया है। यह मरीजों के उपचार में सहायक होगा। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष विनोद यादव ने बताया कि कोविड केयर कोच में कोरोना संदिग्धों के साथ ही संक्रमितों को भी रखा जा सकता है।
जिस मरीज का टेस्ट होना है उन्हें भी इस तरह के कोच में रखने की अलग से सुविधा है। लक्षण के आधार पर मरीजों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लगे आइसोलेशन कोच में रखा जाएगा। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि इन कोचों में बहुत हल्के या बिना लक्षण वाले 160 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है।
एसिंप्टोमैटिक यानी बिना लक्षण वाले पॉजिटिव मरीज, जिन्हें दिल्ली सरकार शिफ्ट करेगी उन्हें यहां भर्ती किया जा सकता है। हर कोच में 16 बेड लगे हुए हैं। सभी कोच में मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन के सपोर्ट पर मरीजों को कोविड अस्पताल पहुंचाया जा सके।
शकूरबस्ती के अलावा आनंद विहार समेत दिल्ली के 9 स्टेशनों पर 500 कोविड केयर कोच लगाए गए हैं। जहां सभी तरह की चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। कोरोना वायरस संक्रमितों की लगातार बढ़ रही संख्या और अस्पतालों में बेड की कमी को ध्यान में रखकर इस तरह के कोच तैयार किए गए हैं।
170-180 कोच आनंद विहार स्टेशन पर भी लगे हैं। कुमार ने बताया कि अभी तक कोच में गर्मी की शिकायत किसी मरीज ने नहीं की है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में बढ़ती गर्मी को लेकर बार-बार यह सवाल उठ रहे हैं कि वातानुकूलित कोच नहीं होने के कारण मरीज को परेशान होना पड़ सकता है।