दिल्ली-मथुरा ईएमयू में 22 जून की शाम चाकूबाजी की घटना में मौत का शिकार हुए जुनैद के परिजनों को मुआवजा देने की कवायद रेलवे ने शुरू कर दी है। रेलवे की ओर से मुआवजा राशि का दावा करने वाला फार्म शनिवार को जुनैद के पिता जलालुद्दीन को भेजा गया। पुलिस ने जुनैद का मृत्यु प्रमाणपत्र भी शनिवार को उसके परिजनों को सौंपा।
मालूम हो कि खंदावली निवासी जुनैद अपने भाई हाशिम और मौसिम के साथ 22 जून को दिल्ली से ईद की खरीदारी कर दिल्ली-मथुरा ईएमयू से घर लौट रहा था। ओखला स्टेशन के पास कुछ सहयात्रियों से उनका विवाद हो गया था। बल्लभगढ़ और असावटी स्टेशन के बीच दोनों पक्ष में मारपीट हुई थी। इसमें एक युवक ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर जुनैद को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हत्यारोपी असावटी स्टेशन पर ट्रेन से उतर कर भाग निकला था।
इसी स्टेशन पर हाशिम और मौसिम ने जुनैद को उतार कर जीआरपी से उसे उपचार दिलवाने की गुहार लगाई थी। काफी देर तक स्टेशन पर पड़े रहे जुनैद को सही समय पर उपचार नहीं मिल सका जिससे उसकी मौत हो गई थी। रेलवे के अधिकारक्षेत्र में मौत का शिकार हुए जुनैद के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
जुनैद के पिता जलालुद्दीन ने बताया कि उन्हें रेलवे की ओर से मुआवजा राशि का दावा पेश करने का फार्म दिया गया है। शनिवार को ही जीआरपी ने जलालुद्दीन को जुनैद का मृत्यु प्रमाणपत्र सौंपा। आंखों में आंसू लिए जलालुद्दीन कहते हैं कि दुनिया की कोई भी राशि उनके हाफिज बेटे की कमी पूरी नहीं कर सकती।