दिल्ली में सराय रोहिल्ला की रेल लाइनों के किनारे बसी घर-गृहस्थी ... और उससे जुड़े कामकाज
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रेलवे ट्रैक किनारे बसीं झुग्गियों को तीन माह में हटाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल खुद दिल्ली सरकार से बातचीत कर माकूल समाधान निकालने में जुटे हैं।
इस मसले पर शुक्रवार को रेल मंत्री ने दिल्ली सरकार से बातचीत की। जबकि शनिवार को दिल्ली सरकार के मंत्री सतेंद्र जैन के साथ उत्तर रेलवे के उच्च अधिकारी महाप्रबंधक, दिल्ली मंडल प्रबंधक और दिल्ली एमसीडी के अधिकारियों की बीच बैठक हुई।
इस समस्या का समाधान कैसे निकाला जाए इस पर एक्शन प्लान तैयार करने पर सहमति बनी। हालांकि बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बैठक के बाद रेलवे बोर्ड के सीईओ विनोद कुमार यादव ने बताया कि एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। दिल्ली सरकार के साथ मिलकर तय समय सीमा में एक्शन प्लान बना लिया जाएगा। पुनर्वास कैसे किया जाए इस पर भी प्लान तैयार किया जाएगा। तीन महीने का समय है, इसमें निदान निकाल लिया जाएगा।
हालांकि, अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि स्थानीय निकाय, दिल्ली सरकार और रेलवे अधिकारियों ने ठोस कदम उठाने की बात कही है, लेकिन 48 हजार झुग्गियों में रहने वालों का पुनर्वास कैसे किया जाए, इस पर कोई नीति नहीं बन पाई है।
झुग्गियां हटाने के साथ पुनर्वास पर भी मंथन
तीन माह में रेलवे ट्रैक के किनारे बसी झुग्गियों को हटाने और इनका पुनर्वास करने की दोहरी चुनौती पर अधिकारी गहन मंथन कर रहे है। आला अधिकारी इसकी विस्तृत कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। वर्षों से रेलवे ट्रैक के किनारे लगातार बढ़तीं झुग्गियां अब न केवल रेलवे के लिए बल्कि दिल्ली सरकार और एमसीडी के लिए भी बड़ी समस्या है।