फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुराने लोहे के पुल से ट्रेनों का आवागमन बहाल, यमुना का जलस्तर बढ़ा तो फिर होगा बंद

Mon, 30 Jul 2018 08:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
लोहे के पुल से ट्रेनों का आवागमन बहाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
यमुना में जलस्तर बढ़ने के साथ ही सुरक्षा कारणों से पुराना लोहे के पुल से गुजरने वाली ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था। सोमवार को इस रूट से गुजरने वाली 27 पैसेंजर ट्रेन को निरस्त कर दिया गया था। हालांकि बाद में रेलवे के इंजीनियरों ने लोहे के पुल का जायजा लिया। 
विज्ञापन


इसके बाद दोपहर करीब 1:15 बजे के बाद निरस्त ट्रेनों को फिर से बहाल कर दिया गया। इस पुल से पुरानी दिल्ली व दिल्ली से प्रतिदिन 150 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यमुना पुल पर विशेष तरह का उपकरण लगाया जाना चाहिए है।

इस उपकरण से रेलवे के अधिकारियों को जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रति मिनट मैसेज मिलता रहेगा। इससे यमुना में जल स्तर का पता भी चल जाता जाएगा।

इस पुल से गुजरने वाली 27 पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त किया गया था तो 7 ट्रेनों के रूट में परिवर्तन कर दिया गया था। 14 मेल व एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलाने का निर्णय लिया गया था। फिर यमुना का जल स्तर बढ़ा तो लोहा पुल बंद किया जा सकता है।
विज्ञापन

 

150 सौ साल पुराना है यह पुल 

गाजियाबाद से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाला यमुना पर लोहा पुल अब जर्जर हो चुका है। लोहे के पुल के पास ही दूसरे ब्रिज को बनाने की योजना 1997-98 में तैयार किया गया था लेकिन पुल निर्माण विवादों में फंसा गया। 

रेलवे अधिकारियों के अनुसार अगले साल जून महीने तक नए पुल से ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। पुराना लोहे का पुल सिर्फ सड़क परिवहन के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा।  
 
क्या था विवाद 
लालकिला के पास पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और शाहदरा को जोड़ने वाला यमुना पर लोहे के पुल के पास ही दूसरे ब्रिज को बनाने का काम जून 2003 में शुरू किया गया था। बजट 58 करोड़ रुपये रखा गया था। 
विज्ञापन

850 मीटर लंबाई में बनने वाले इस ब्रिज का लालकिला की ओर से कुछ हिस्सा सलीमगढ़ किले की जमीन पर आने के कारण पुरातत्व विभाग ने आपत्ति आपत्ति उठाई थी। इसके चलते 2008 में इसका काम रूक गया था। 

अब सभी बाधा खत्म हो गई है और नये पुल के लिए 26 स्टील गार्डर पर काम तेजी से चल रहा है। 58 करोड़ रुपये के इस रेलवे ब्रिज की लागत बढ़कर अब 137 करोड़ रुपये हो गई है। 6000 मैट्रिक टन लोहे से इस पुल का निर्माण किया जा रहा है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें