अगर आप रेलवे स्टेशन पर चाय पीने की सोच रहे हैं तो यह चाय आपको महंगी पड़ेगी। वेंडरों ने यात्रियों की जेब काटने का तरीका बदल लिया है। अब चाय के रेट बिना बढ़ाए कप का साइज घटाकर मुनाफा कमा रहे हैं।
150 मिलीलीटर चाय की बजाय आपको कप में सिर्फ 50 मिली. चाय मिलेगी। वेंडरों की यह कारस्तानी लंबे समय से चल रही है। यही नहीं स्टेशन पर जनता खाना भी बिना एक्सपायरी डेट के बेचा जा रहा है।
रेलवे के मानकों के मुताबिक चाय के कप की क्षमता 170 मिली. और इसमें मात्रा 150 मिली. होनी चाहिए। इसकी अधिकतम कीमत 10 रुपये तय है।
कम लागत में मुनाफा कमाने वाले वेंडरों ने चुपके से लोगों की चाय में ‘चोरी’ कर ली। 170 मिली. की बजाय 70 मिली. वाले कप में सिर्फ 50 मिली. चाय दी जा रही है। यानी अब 10 रुपये की 150 मिली. चाय को तीन यात्रियों को 30 रुपये में बेचा जा रहा है। चाय वही और मुनाफा तीन गुना।
एक्सपायरी डेट बिना बेचा जा रहा जनता खाना
15 रुपये के पैकेट में बिकने वाला जनता खाना (सब्जी-पूरी) बिना एक्सपायरी डेट के बेचा जा रहा है। एक दिन का बचा खाना सर्दियों में अगले दिन भी बेच दिया जाता है।
आटोमैटिक मशीन से ही खरीदें चाय
अगर चाय की ‘चोरी’ से बचना है तो आटोमैटिक वेंडिंग मशीन से ही चाय या काफी खरीदें। दरअसल, ये मशीनें कंप्यूटराइज्ड होती हैं और इनमें चाय की मात्रा पहले से फीड है। एक बार बटन दबाने पर 150 मिली. चाय ही निकलेगी।