दूसरे दिन भी घने कोहरे का प्रकोप दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में बना रहा। इसका असर यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ने लगा है। ट्रेनें लेट होने लगी है, विमान डाइवर्ट होने लगे हैं और मुसाफिरों की परेशानी इसकी वजह से बढ़ गई है।
बृहस्पतिवार सुबह सात बजे के करीब कोहरा इतना घना हो गया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर कुछ देर के लिए सारी गतिविधियों को रोक दिया गया। जिसके चलते विमानों का आवागमन पूरी तरह रुक गया। हालांकि बाद में यह फिर से चालू हो गया। कोहरे की वजह से 17 फ्लाइट्स लेट हो गईं और चार विमानों का रूट बदलना पड़ा।
वहीं, कोहरे की वजह से यमुना एक्सप्रेसवे पर 12 गाड़ियां आपस में टकरा गईं जिसमें एक शख्स की मौत हो गई जबकि दस लोग घायल हैं। दिल्ली के स्टेशनों पर जहां घंटों ट्रेन लेट पहुंची तो एयरपोर्ट पर यात्री परेशान दिखे। रेलवे की बात करें तो सबसे ज्यादा टुंडला-दिल्ली और मुरादाबाद-दिल्ली सेक्शन पर ट्रेनें प्रभावित र्हुइं।
100 से अधिक ट्रेनें कोहरे की चपेट में आईं। इनमें दिल्ली आने वाली 81 ट्रेन घंटों लेट चली तो 14 घरेलू व एक इंटरनेशनल विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई। इसे जयपुर व अन्य शहरों के लिए डाइवर्ट कर दिया गया।
Visuals from the Delhi airport, operations temporarily suspended due to dense fog pic.twitter.com/iqmSNszpKh
— ANI (@ANI_news) December 1, 2016
चार ट्रेनें निरस्त की गई
- फोटो : अमर उजाला
47 विमान कोहरे के कारण तो अन्य कारणों से 55 विमान देरी से संचालित हुए। चार ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया। बृहस्पतिवार को भी एक ट्रेन निरस्त रहेगी। एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में सुबह साढ़े पांच बजे के करीब दृश्यता 800 मीटर तक चली गई।
करीब आठ बजे सुबह दृश्यता 200 मीटर से भी नीचे चली गई। कोहरे की आशंका नहीं होने के कारण विमान चालक भी कैट वन, टू व थ्री श्रेणी वाले नहीं थे, इस स्थिति में विमानों को डाइवर्ट कर दिया गया।
कोहरे के कारण लेट से दिल्ली पहुंचने के कारण चार ट्रेन निरस्त कर दी गई। इनमें लिच्छवी एक्सप्रेस, आनंद विहार-भागलपुर गरीबरथ, नई दिल्ली-जलपाईगुड़ी सुपर फास्ट एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस शामिल हैं। बृहस्पतिवार को जयनगर शहीद एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त कर दी गई है।
फॉग सेफ डिवाइस का भी उपयोग
धुंध से लड़ाई के लिए फॉग सेफ डिवाइस ट्रेनों में लगाई जाएगी। इसकी संख्या भी बढ़ाने का निर्णय रेलवे ने लिया है। ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम से लैस यह डिवाइस घने कोहरे के समय लोको पायलट (ड्राइवर) को यह सूचना देगा कि ट्रैक पर कोई बाधा है या नहीं, साथ ही सिग्नल के बारे में भी पहले ही लोको पायलट को सूचित करता रहेगा।