नोटबंदी के बाद काले धन को सफेद करने के उपायों को टीवी पर दिखाते ही दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आदेश के बाद बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आयकर विभाग के साथ मिलकर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की।
कुछ लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी की गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मानें तो पाकिस्तानी गायक राहत फतेह अली खान, फवाद खान व कई अन्य कलाकारों के मैनेजरों के यहां भी पुलिस की रेड हुई। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि नोटबंदी के बाद लोगों ने काले धन को सफेद बनाने के तरह-तरह के उपाय शुरू कर दिए हैें। इसी क्रम में कुछ टीवी चैनलों ने स्टिंग कर दिखाया कि कुछ लोग कमीशन लेकर 500 और 1000 के पुराने नोटों के बदले नए नोट दिलवाने के दावे कर रहे हैें।
आतिफ असलम के मैनेजर के यहां भी पड़ा छापा
atif aslam
- फोटो : इंस्टाग्राम
शकरपुर में एक सीए को पुराने रुपये लेकर चेक देने का दावा करते दिखाया गया था। वहीं चांदनी चौक इलाके में पुराने नोट लेकर एक ज्वेलर पुराने नोट लेकर 50 हजार रुपये तोला सोने देने को तैयार दिखा। इसके अलावा यह भी दिखाया गया कि दिहाड़ी मजदूर किस तरह लाइन में लगकर लोगों के काले धन को सफेद कर रहे हैं।
वहीं पाकिस्तानी गायकों व कलाकारों के मैनेजर काली कमाई को कार्यक्रम में दिखाकर उसे सफेद करने के दावे के साथ इस मुद्रा को विदेश भेजने का दावा कर रहे थे। बृहस्पतिवार को आयकर विभाग की टीम के साथ मिलकर पुलिस की टीम ने चांदनी चौक, पहाड़गंज, कनॉट प्लेस, हौजखास और शकरपुर में छापेमारी की।
हौजखास में गायक राहत फतेह अली खान, फवाद खान, आतिफ असलम समेत अन्य कई कलाकारों के मैनेजर के यहां छापेमारी की। इनमें मनू कोहली और राकेश गुप्ता के नाम प्रमुख हैं। दोनों पाकिस्तानी कलाकारों के मैनेजर हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।