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प्रेग्नेंट बीवी के इलाज के लिए नहीं बदलवा पाया पैसे तो कर लिया सुसाइड

Fri, 18 Nov 2016 04:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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पत‌ि ने नोट ना बदलने पर क‌िया सुसाइड - फोटो : सोशल मीड‌िया
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नेबसराय थाना इलाके में बृहस्पतिवार सुबह एक युवक ने फांसी लगा ली। युवक की पत्नी का कहना है कि नोटबंदी से परेशान होकर उसके पति ने जान दी है। वह घर में रखे 12 लाख के पुराने नोट बदल नहीं पा रहे थे।
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वहीं दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नुपूर प्रसाद का कहना है कि शुरुआती जांच में नोटबंदी से परेशान होकर खुदकुशी करने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।

दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीरेंद्र कुमार बसोया (26) मूलरूप से गढ़ी, उत्तरप्रदेश का रहने वाला था। उसकी पहली पत्नी गढ़ी में ही रहती है। वह दूसरी पत्नी रौनक के साथ सी-67 राजू पार्क नेबसराय में किराये पर रहता था।
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वीरेंद्र ने रौनक से एक वर्ष पहले प्रेमविवाह किया था

वीरेंद्र ने रौनक से एक वर्ष पहले प्रेमविवाह किया था। वह रात में गढ़ी चला जाता था और दिन में राजू पार्क रौनक के पास आ जाता था। वीरेंद्र ने पत्नी को बता रखा था कि वह बाउंसर का काम करता है, जबकि लोगों का उसने बता रखा था कि उसका ईस्ट ऑफ कैलाश में एलईडी का शोरूम है।

वीरेंद्र बृहस्पतिवार सुबह ही राजू पार्क आया था। वीरेंद्र के घर के पास ही स्कूल है। वीरेंद्र की बाइक के चलते स्कूल के बच्चों को परेशानी हो रही थी। स्कूल वालों ने रौनक को बाइक हटाने के लिए बोला।

रौनक जब बेडरूम में गई तो वीरेंद्र वहां नहीं था। दूसरे कमरे में जाने पर पता लगा कि वीरेंद्र ने दुपट्टे के जरिये पंखे से फांसी लगा रखी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

रौनक ने मीडिया को बताया कि नोटबंदी के कारण कामधंध ठप हो गया था। उधार दिए गए नोट भी नहीं मिल रहे थे। वीरेंद्र के पास 12 लाख रुपये थे। इन पुराने नोटों को कई बार बदलने की कोशिश की गई।

मगर नोट बदल नहीं रहे थे। किसी से बात हुई तो वह 12 लाख रुपये बदलने के चार लाख रुपये मांग रहा था। साथ में 15 से 20 दिन का समय भी मांगा था। इस बात से परेशान होकर वीरेंद्र ने खुदकुशी की है।
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