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हर रंग खुशी का, लेकिन खाने के रंग से करें परहेज

Sat, 16 Mar 2019 12:06 AM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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होली का त्योहार तो रंग खेलने और उल्लास के लिए है लेकिन खाने के रंग से पूरी तरह परहेज करें तो समझदारी होगी। त्योहार को देखते हुए बाजार में रंग-बिरंगी मिठाइयां भी मिलना शुरू हो गई हैं। लोग स्वाद की चक्कर में सेहत भी खराब करने लगते हैं। खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने भी छापेमारी की रणनीति बनाई है। साथ ही सामान्य रोग विशेषज्ञों ने आंखों और पेट का खास ख्याल रखने की सलाह दी है। 

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मिलावटी हैं दूध बने पदार्थ, तो अलग होगा स्वाद
खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल में खाद्य सुरक्षा नियमन एवं प्राधिकरण के खाद्य अधिकारियों ने कुछ खास टिप्स सांझा किए हैं। उनका कहना है कि खाद्य विभाग ने एफएसएसआई की आधिकारिक वेबसाइट पर भी मिलावटी पदार्थों के उपयोग से बचने के लिए कुछ जरूरी जानकारी दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पृथ्वी सिंह ने बताया कि अमूमन मिलावटी सामान का स्वाद सामान्य जैसा नहीं होगा।

खाने के कुछ ही पल में जीभ पर अजीब सा स्वाद आएगा। ऐसा हो तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें। उन्होंने बताया कि सोमवार से ही खाद्य प्राधिकरण की ओर से विशेष जांच अभियान भी चलाया जाएगा। इसमें शक के आधार पर भी खाद्य सामग्री जांच के लिए भेजी जाएंगी। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक लगने वाले खाद्य पदार्थ मौके पर ही नष्ट करने के आदेश हैं। होली पर भी विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। 

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घर बनी मिठाइयों में है स्वाद और सेहत का खजाना

घर पर बने खाद्य पदार्थ सेहत के लिए खास हैं। यह त्योहार का मजा दोगुना कर देते हैं। डा. मोहित बताते हैं कि वह खुद घर पर बनी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल करते हैं ताकि मरीजों की जांच के लिए खुद स्वस्थ रह सकें। 

यह भी है काम की बातें
- दूध में मिलावट जांचने के लिए करीब 5 मिली लीटर दूध में दो तीन ड्रॉप आयोडीन की डालें, दूध नीला होता है तो यह मिलावटी है। 
- गुुझिया, मावे की बरफी जैसी मिठाइयों की खरीद बाजार से न करें। घर पर ही इन मिठाइयों को बनाने के लिए मावा तैयार कर मिठाई तैयार करें। 

सिंथेटिक रंग से करें बचाव
अगर होली पर समझदारी के साथ रंगों को प्रयोग नहीं किया गया तो यह आंखों के दर्द और स्किन एलर्जी की वजह बन सकता है। बीके सिविल अस्पताल के सामान्य रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि होली के दौरान सबसे ज्यादा मरीज आंखों में जलन और स्किन एलर्जी की शिकायत लेकर आते हैं। डॉ. मोहित का कहना है कि कई बार यह रंग आंखों की रोशनी तक छीन लेते हैं। इसलिए सस्ते रंगों के बजाय हर्बल रंगों व गुलाल का इस्तेमाल करें। इससे त्वचा एलर्जी, आंखों में खुजली, जलन जैसी समस्याएं नहीं होती। 
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