कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पोस्ट को सोशल मीडिया से हटा दिया गया था, लेकिन यह भारत के बाहर उपलब्ध रहा। अगर हमें पीड़िता की पहचान की रक्षा करनी है तो जरूरी है कि यह पूरी दुनिया में किया जाए।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से 2021 में दुष्कर्म और हत्या की शिकार नाबालिग दलित लड़की की पहचान का खुलासा किए जाने वाले पोस्ट को हटाने को कहा है। अदालत सामाजिक कार्यकर्ता मकरंद सुरेश म्हादलेकर की 2021 की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पोस्ट को सोशल मीडिया से हटा दिया गया था, लेकिन यह भारत के बाहर उपलब्ध रहा। अगर हमें पीड़िता की पहचान की रक्षा करनी है तो जरूरी है कि यह पूरी दुनिया में किया जाए। पीठ ने राहुल के वकील तरन्नुम चीमा से कहा, आप इसे हटा क्यों नहीं लेते? कृपया अपना पोस्ट हटा लें, अन्यथा इसे पूरी दुनिया में प्रेस उठा सकती है।
एफआईआर दर्ज करने की हुई थी मांग
साल 2021 में मकरंद ने याचिका दायर की थी। अदालत इसी याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में सोशल मीडिया पर पीड़िता के पिता के साथ फोटो शेयर कर उसकी पहचान उजागर करने को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी।
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राहुल गांधी ने 4 अगस्त 2021 को नौ वर्षीय लड़की के माता-पिता से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पीड़िता के माता-पिता के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की थी। पोस्ट को छह अगस्त को माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने हटा दियाथा।