किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से उनके आवास पर मिला।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के साथ राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ देश में किसानों के मौजूदा हालातों पर चर्चा की। बैठक में सचिन पायलट, मधुसूदन मिस्त्री, निर्मल खत्री और दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौजूद रहे।
प्रदेश के किसानों का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश प्रवक्ता धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में राहुल गांधी से मिला। बैठक में भूमि अधिग्रहण बिल, फसल का समर्थन मूल्य और बारिश से बर्बाद हुई फसल के मुआवजे को लेकर बातचीत हुई।
इसमें प्रतिनिधि मंडल ने भट्टा पारसौल की तरह एक बार फिर राहुल गांधी से किसानों की लड़ाई लड़ने की मांग की। सिंह ने राहुल गांधी को अवगत कराते हुए कहा कि मोदी सरकार ने भूमि अधिग्रहण बिल लाकर किसानों के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है।
कुदरत ने भी फसलों पर कहर बरपा कर पूरी तरह किसानों को बर्बाद कर दिया है। अब भाजपा सरकार किसानों के साथ मजाक कर रही है। जहां प्रति हेक्टेयर जमीन पर उत्पादन लागत 45 हजार आती है।
मुआवजे के तौर 13,500 रुपये के चेक दिए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने किसानों की लड़ाई एक बार फिर नए सिरे से लड़ने का आश्वासन दिया।
रणनीति तैयार करने की बात कही है। बैठक में बुलंदशहर से बुद्धपाल सिंह, गाजियाबाद से उधम सिंह, अलीगढ़ से सतवीर और चौधरी रामवीर, मथुरा से नीरु सिंह और रामेश्वर दयाल ने प्रतिनिधित्व किया।