नोटबंदी के कारण सरकार से बिफरे विपक्ष में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बड़ा दांव खेला है। संसद भवन में बुलाई खास प्रेस कांफ्रेंस में राहुल ने कहा, ‘मेरे पास पीएम के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। इसे मैं लोकसभा में रखना चाहता हूं, लेकिन मुझे रोका जा रहा है। प्रधानमंत्री घबराए हुए हैं। उन्हें डर है कि मैं बोलूंगा तो गुब्बारा फट जाएगा।’ इस प्रेस कांफ्रेंस में एनसीपी, तृणमूल और माकपा के नेता भी मौजूद थे।
हालांकि कांग्रेस उपाध्यक्ष के इस आरोप को भाजपा ने बेबुनियाद और अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राहल के पास यदि प्रधानमंत्री के खिलाफ सबूत हैं तो उसका उन्हें खुलासा करना चाहिए। संसदीय मामलों के मंत्री और भाजपा नेता अनंत कुमार ने प्रधानमंत्री पर बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए राहुल से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस हताश और कुंठा की शिकार हो गई है।
विपक्षी दलों ने सुबह से ही सदन में अपनी बात रखने की आक्रामक रणनीति तैयार की थी। विपक्ष ने तय किया था कि लोकसभा में सबसे पहले राहुल गांधी बोलेंगे। लोकसभा में हंगामे के चलते राहुल गांधी जब नहीं बोल सके तो विपक्षी दलों के साथ मीडिया में अपनी बात रखने पहुंचे। राहुल के अचानक फैसले के चलते सपा और बसपा के प्रतिनिधि प्रेस कांफ्रेंस में नहीं गए। हालांकि सुबह विपक्षी दलों की बैठक में दोनों ही दल शामिल थे।
राहुल ने मीडिया को बताया कि मैंने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि हम बिना शर्त और नियमों के बगैर लोकसभा में चर्चा के लिए तैयार हैं। आप इजाजत दे दें। लेकिन सरकार और प्रधानमंत्री नहीं चाहते हैं कि हम लोकसभा में अपनी बात रखें। प्रधानमंत्री जी पर्सनली डरते हैं। घबराए हुए हैं, मेरे पास उनके खिलाफ जो जानकारी है, उससे उनका पूरा गुब्बारा फटेगा। हमें संसद के अंदर बोलने नहीं देना चाहते हैं। संसद में हमारा हक है बोलने का, स्पीकर से कहा कि विपक्ष के सदस्यों को समय दिया जाए। हमारा राजनीतिक हक है, हम चुनकर आए हैं। फिर प्रधानमंत्री जो जवाब देना चाहते हैं, जितना समय चाहते हैं, उसके लिए हम तैयार हैं। सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि उनके पास प्रधानमंत्री के खिलाफ सबूत भी हैं जिसे लोकसभा में रखेंगे।
राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी पॉप कंसर्ट और जनसभा में तो बोलते हैं लेकिन हाउस में नहीं आ रहे हैं। पहली बार लोकसभा के इतिहास में ट्रेजरी बेंच (सत्तापक्ष) चर्चा को रोक रही है। आम तौर पर विपक्ष रोकता है। विपक्ष बैठा है और चर्चा न हो सके, इसलिए सरकार के लोग खड़े हो जाते हैं। सरकार को बहाने बनाना बंद कराना चाहिए। हम सब को बोलने का समय देना चाहिए। देश निर्णय ले कि विपक्ष सही बोल रहा है कि प्रधानमंत्री। राहुल ने कहा कि मैं संसद का सदस्य हूं। यहां मेरी बोलने की जगह है। मैं सरकार से कहता हूं कि सदन में बोलें। नोटबंदी का फैसला गरीबों के खिलाफ है, देश के करोड़ों लोग प्रभावित हो रहे हैं।
टीएमसी के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। चर्चा के लिए सरकार तैयार है तो कल भी हम बहस को तैयार हैं। हम सभी 16 विपक्षी पार्टियां एक साथ हैं। सीपीएम के करुणाकरण ने कहा कि संसद के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है कि संसद चले। एनसीपी के तारिक अनवर ने कहा कि हमेशा ये होता था कि विपक्ष मुद्दा उठाए और सरकार जवाब दे। लेकिन साजिश हो रही है कि बोलने नहीं दिया जाए। आखिर सरकार को किस बात का डर या खौफ है।
कालाधन सफेद कर रहा विपक्ष
बातें बनाना छोड़कर राहुल को अपने आरोपों की पुष्टि के लिए सबूत सामने लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक ओर मोदी सरकार देश बदलने की मुहिम में लगी है तो कांग्रेस सहित तमाम विपक्ष नोट बदलने की मुहिम के तहत काला धन को सफेद बनाने में जुटे हैं। - मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर
कांग्रेस हताश और कुंठित
प्रधानमंत्री पर राहुल गांधी का आरोप लगाना कांग्रेस की हताशा और कुंठा को दर्शाता है। ये आरोप बेबुनियाद हैं और राहुल को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। - संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार
सबसे बड़ा जोक
इससे बड़ा और कोई झूठ नहीं हो सकता। यह आरोप इस वर्ष का सबसे बड़ा जोक है। -केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू
सार्वजनिक क्यों नहीं करते दस्तावेज
मोदीजी के खिलाफ राहुल गांधी के पास यदि वाकई कोई दस्तावेज हैं तो वह उन्हें संसद से बाहर सार्वजनिक क्यों नहीं करते। भाजपा और कांग्रेस दोस्ताना मैच खेल रही हैं। भाजपा कहती है कि उसके पास कांग्रेस के खिलाफ आगुस्टा वेस्टलैंड का मामला है और कांग्रेस कह रही है कि उसके पास भाजपा के खिलाफ सहारा-बिड़ला का मामला है। दोनों उजागर नहीं करना चाहतीं। - अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली