कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी फिलहाल केंद्र की एनडीए सरकार पर हमले का कोई भी मौका गंवाना नहीं चाहते। शनिवार को वह दिल्ली एनसीआर में मकान खरीदने वाले लोगों के संगठन (Organizations of homebuyers) से मिले और इस बहाने एक बार फिर केंद्र सरकार को कटघरे में लाने की कोशिश की।
प्राइवेट बिल्डर्स से घर खरीदने वाले लोगों से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि वह ग्राहकों की समस्याओं को आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने साफ किया कि इस मामले में प्राइवेट बिल्डर्स के द्वारा मकान खरीदने वालों के साथ जो भी धोखा किया जा रहा है उसके खिलाफ भी वह आवाज उठाएंगे।
बता दें कि दिल्ली एनसीआर में खरीददारों के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष्ा की यह बैठक कांग्रेस मुख्यालय में हुई। इस बैठक के बहाने कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा रियल स्टेट बिल में किए गए संशोधन की भी आलोचना की।
पहले किसान अब मध्यमवर्ग के बहाने बोला हमला
लोगों के साथ बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें लगता था कि भूमि अधिग्रहण बिल के बहाने सरकार केवल किसानों का ही शोषण कर रही है। लेकिन रियल स्टेट बिल में संशोधन से साबित होता है कि सरकार मध्यम वर्गीय लोगों के हितों की भी अनदेखी कर रही है।
बता दें कि दिल्ली में इस मीटिंग से पहले राहुल गांधी ने देश के कई हिस्सों की यात्रा कर किसानों की समस्या को जानने के साथ यह लोगों को यह समझाने की कोशिश की थी कि केंद्र सरकार उधोगपतियों के हित के लिए किसानों की अनदेखी कर रही है।
हालांकि घर खरीददारों के संगठन से मिलने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि यूपीए सरकार में जो बिल लाया गया था उसमें पारदर्शिता थी। लेकिन फिलहाल जो बिल लाया गया है यह खरीददारों के हित में होने की बजाय बिल्डर्स के हित में है।
'बिल प्रो-बायर नहीं प्रो-बिल्डर है'
राहुल ने साफ किया कि जिस तरह वह भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों के साथ हैं ठीक वैसे ही इस मामले में वह घर खरीदने वाले लोगों के साथ हैं।
इस मुद्दे पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि आज लगभग 150 खरीददारों ने राहुल जी से मुलाकात कर अपनी समस्या उन्हें बताई है।
उन्होंने कहा कि रियल स्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी बिल में भाजपा सरकार ने संशोधन किया है। पहले यह कानून प्रो-बायर यानि खरीददारों के हित में था लेकिन इसमें संशोधन कर इसे प्रो-बिल्डर यानि बिल्डर्स के पक्ष में मोड़ दिया गया है।