नोएडा में रेडियो फ्रिक्वेंसी मीटर को शासन से हरी झंडी का इंतजार है। प्रयोग के रूप में इनका उपयोग खोड़ा में किया गया, जहां पर विद्युत निगम को सफलता हाथ लगी।
नई तकनीक वाले इन मीटरों को हरी झंडी मिलने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लगाने का काम शुरू किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर मीटर रीडिंग के लिए विद्युत निगम को जद्दोजहद करनी पड़ती है। इसके अलावा कई बार उपभोक्ता के उपलब्ध नहीं होने की दशा में रीडिंग का काम पूरा नहीं हो पाता। इससे विभाग पर राजस्व वसूली का भार पड़ता है, जबकि उपभोक्ता को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इसका हल निकालते हुए विद्युत निगम ने आठ महीने पहले रेडियो फ्रिक्वेंसी मीटर को लगाने का निर्णय लिया। इसका प्रयोग खोड़ा क्षेत्र में किया गया, जहां पर 125 घरों और प्रतिष्ठानों में इन्हें लगाया गया।
इसकी खास बात है कि घर बंद होने के बावजूद बिजली मीटर की रीडिंग ली जा सकती है। मीटर में एक चिप लगाई जाती है, जो रेडियो फ्रिक्वेंसी उपकरण से जुड़ी होती है। इससे मीटर का रीडिंग डाटा एक किलोमीटर दूर से ही हासिल किया जा सकता है।
विद्युत निगम के अधिकारियों की मानें तो प्रयोग में सफल होने के बाद प्रस्ताव को मुख्यालय भेज दिया गया। उच्च अधिकारियों से लगातार वार्ता जारी है और जल्द ही अनुमति प्राप्त करके नए मीटर लगाने का काम शुरू किया जाएगा।