एक छात्र की ऐसे बच गई जान
एक छात्र इसलिए जान बच गई क्योंकि वह घटना के समय फुटपाथ पर दौड़ लगा रहा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस जगह पर यह हादसा हुआ है वह फ्लाई ओवर से नीचे उतरते ही है और वहां तेज रफ्तार से आने वाला वाहन दिखाई नहीं देता है। पुलिस को अभी तक आरोपी डंपर चालक के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है।
दौड़ लगाने के लिए द्वारका एक्सप्रेसवे सर्विस लेन पर पहुंचे
छावला के श्याम विहार के रहने वाले अनुराग डीटीयू कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही वह इलाके में रहने वाले अपने दोस्तों के साथ ताइक्वांडो भी सीख रहे हैं। रविवार की सुबह करीब पांच बचे वह अपने पांच दोस्तों अरुंधती, नैना जोशी, सुप्रिया, राजेश और सचिन के साथ ताइक्वांडो का अभ्यास करने से पहले दौड़ लगाने के लिए गोला गांव के पास द्वारका एक्सप्रेसवे सर्विस लेन पर पहुंचे।
पुलिस जांच में सामने आई कई बातें
पुलिस अधिकारी बताया कि जांच में पता चला है कि सुबह में द्वारका एक्सप्रेस वे पर कम गाड़ियां होने की वजह से सभी सर्विस लेन से दौड़ लगाने के लिए मुख्य सड़क पर आ गए। अनुराग ने पुलिस को बताया कि वह फुटपाथ पर दौड़ लगा रहा था जबकि अन्य लोग सड़क पर दौड़ रहे थे।
इसी दौरान गोला गांव साई बाबा मंदिर की ओर से तेज रफ्तार डंपर आया और सभी को कुचल दिया। उसने बताया कि डंपर चालक ने हार्न भी नहीं बजाया। हादसा होने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई और सभी घायलों को एक टैक्सी में लेकर इंदिरा गांधी अस्पताल पहुंचे। जहां गंभीर रूप से घायल अरुंधती को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे के बाद से सहमा हुआ है अनुराग
हादसे के बाद से अनुराग काफी सहमा हुआ है। अपने सामने डंपर से पांच दोस्तों को कुचलने का दृश्य उसके दिमाग से जा नहीं रहा है। वह किसी से बात नहीं कर रहा है। उसके परिजनों का कहना है कि अनुराग की कुछ दिन बाद परीक्षा होने वाली है। हादसे के बाद से वह काफी डरा हुआ है और ठीक से सो भी नहीं पा रहा है। परिवार वालों का कहना है कि हादसे का जिक्र आते ही वह सहम जाता है। परिवार वाले उसके ढांढस को बढ़ाने की कोशिश कर रहे है।