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मनाली के कुत्ते ने ले ली इस युवती की जान

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कविता अप्रैल में कार्यालय के टूर पर मनाली गई थी वहां पर उसे कुत्ते ने काट लिया। कविता को वहां दो इंजेक्शन लगवाए गए व एक इंजेक्शन दिल्ली आकर लगवा गया।
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उक्त दवा ने असर नहीं दिखाया व कविता रेबीज से पीड़ित हो गई। इसके बाद वह जिस अस्पताल में इलाज के लिए गई वहां भी ठीक से इलाज नहीं हो पाया।

इस पर कविता के परिवार के अधिवक्ता आरके सैनी के जरिये अस्पताल प्रशासन के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली। अदालत ने अस्पताल प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कविता को उचित इलाज प्रदान करने का निर्देश दिया।

ऐसी हालत में कहा, अस्पताल से ले जाओ

युवती के पिता मोहन चंद जोशी व परिजनों के अनुसार अस्पताल में पूरे पैसे अदा कर दिए गए और अचानक छह मई को अस्पताल प्रशासन ने कहा कि रेबीज का इंफेक्शन पूरे अस्पताल में फैल सकता है और कविता को अस्पताल से ले जाओ। आरोप है कि इसके बाद अस्पताल ने कविता का इलाज बंद कर दिया। उन्होंने कहा हमने हाईकोर्ट में 7 मई की शाम याचिका दाखिल की व अदालत ने चिकित्सा के लिए निर्देश जारी कर दिए व इस मामले पर 8 मई को भी सुनवाई हुई।

इस दौरान अस्पताल का कोई अधिकारी कोर्ट भी नहीं पहुंचा। आरोप है कि अदालत के आदेश के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने कविता को उचित इलाज देने की अपेक्षा कहा कि अब तो अदालत ही इलाज करेगी। उन्होंने कहा हमने डॉक्टरों को कई बार इलाज के लिए कहा लेकिन हर बार उनको बताया गया कि कविता कोमा में है, इसके अलावा हमें कुछ नहीं बताया गया।

और हो गई युवती की मौत

रेबीज से पीड़ित 24 वर्षीय युवती की मैक्स अस्पताल में शुक्रवार को मौत हो गई। अस्पताल द्वारा इलाज से मना करने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए बृहस्पतिवार को ही अस्पताल प्रशासन को युवती को उचित इलाज प्रदान करने का निर्देश दिया था।

युवती के पारिवारिक सदस्यों ने अस्पताल पर उचित इलाज न देने आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने उनकी शिकायत पर युवती के पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्णय किया है।

निजी कंपनी में सहायक अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत कविता जोशी को अप्रैल में कुत्ते के काटने के बाद रेबीज फैलने पर 5 मई को पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
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...तो बच जाती अकाउंटेंट की जान

युवती के पिता ने कहा कि शुक्रवार दोपहर कविता की इलाज के अभाव में मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने हंगामा किया व 100 नंबर पर पुलिस को अस्पताल द्वारा बरती गई लापरवाही से अवगत करवाया।

चिकित्सा में लापरवाही मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंच गई व उन्होंने परिवार से लिखित शिकायत ली। परिवार के सदस्यों ने पुलिस को पूरे घटना से अवगत करवाते हुए बताया कि यदि कविता को उचित इलाज मिलता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।

अत: अस्पताल प्रशासन व संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनको शिकायत मिल गई है और कविता का पोस्टमार्टम करवाने के लिए तीन डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्णय किया है और बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
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