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सरिता आवाज लगाती रही लेकिन अमित ने दरवाजा नहीं खोला

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात एसीपी अमित सिंह द्वारा सर्विस पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या करने व पत्नी डॉ. सरिता के चौथी मंजिल से कूदकर खुदकुशी करने की घटना से दिल्ली और नोएडा पुलिस के अधिकारी स्तब्ध हैं।
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घटना के करीब 17 घंटे बाद एसीपी के शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद नोएडा पुलिस ने स्पेशल सेल के अधिकारियों की मौजूदगी में शव परिजनों को सौंप दिया।

वहीं एसीपी की पत्नी की हालत में एक प्रतिशत भी सुधार नहीं हुआ है। उसकी हालत जस की तस बनी हुई है और वेंटिलेटर पर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 48 घंटे डॉ. सरिता के लिए काफी नाजुक हैं।

परिजन चाहते थे कि बेटे का पोस्टमार्टम मुंह देखने के बाद हो

नोएडा पुलिस ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व अमित सिंह के परिजनों को घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद अमित के पिता देवेंद्र मोहन सिंह, भाई समेत परिवार के अन्य सदस्य और ससुराल पक्ष के लोग मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे अस्पताल पहुंचे।

रोते-बिलखते परिवार को अन्य अधिकारियों व अमित के दोस्तों ने ढांढस बंधाया। परिजन चाहते थे कि बेटे का पोस्टमार्टम तभी किया जाए, जब वह एक बार उसका मुंह देख ले।

ऐसे में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने नोएडा पुलिस से विशेष अनुरोध किया और इसके बाद पोस्टमार्टम किया गया। एसीपी अमित सिंह (35) मूल रूप से दहियाटोला, छपरा (बिहार) के रहने वाले थे।

कार खुद ड्राइव कर नोएडा के सेक्टर-100 आए थे दंपति

करीब तीन वर्ष पूर्व उनकी शादी कालू कुआं, बांदा निवासी डॉ. सरिता (बीडीएस) से हुई थी। अमित की 18 माह की बेटी काव्या है। सोमवार शाम करीब 6:30 बजे अमित सिंह जमरूदपुर, दिल्ली स्थित ऑफिस से घर के लिए नीली बत्ती लगी सरकारी इनोवा से निकले थे।

रास्ते में उन्होंने चालक को उतार दिया और खुद ड्राइव कर के नोएडा के सेक्टर-100 में लोटस बॉउलवर्ल्ड नामक अपार्टमेंट स्थित अपने फ्लैट नंबर-403 पहुंचे।

कपड़े चेंज करने के बाद किसी बात को लेकर अमित का उनकी पत्नी से विवाद हो गया। बताया गया है कि नाराज अमित सिंह अपने कमरे में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
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सरिता आवाज लगाती रही, लेकिन अमित ने दरवाजा नहीं खोला

पत्नी सरिता काफी देर तक आवाज लगाती रही, लेकिन अमित ने दरवाजा नहीं खोला। रात करीब 9:55 बजे कमरे के अंदर से  गोली की आवाज आई। सरिता सोसायटी के नीचे की तरफ भागीं और गेट पर मौजूद दो-तीन गार्डों व सोसायटी के लोगों को लेकर अपने फ्लैट पर लेकर पहुंचीं।

दरवाजा न खुलने पर उसे तोड़ा गया। सामने खून से लथपथ अमित का शव देखकर सरिता आपा खो बैठीं और किचन की तरफ जाकर चाकू से खुदकुशी करने का प्रयास किया, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने सरिता के हाथ से चाकू छीनकर उन्हें सोफे पर बैठा दिया।

फ्लैट पर लोगों की भीड़ पहुंच गई। इतने में ही सरिता ने मौका पाकर बालकनी से छलांग लगा दी। लोगों ने पुलिस की मदद से अमित और सरिता को सेक्टर-110 स्थित यथार्थ अस्पताल ले गए। अमित को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और डॉ. सरिता को आईसीयू में भर्ती किया गया। उनकी हालत काफी नाजुक बनी हुई है।
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