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फ्री पास योजना पर वित्त विभाग ने उठाए सवाल, दुरुपयोग की आशंका जताई

Sat, 17 Aug 2019 06:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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dtc bus - फोटो : अमर उजाला
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महिलाओं को डीटीसी व क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर कराने की योजना को लागू करने की प्रक्रिया पर दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने सवाल उठाया है। साथ ही योजना का गलत इस्तेमाल होने की भी आशंका जताई है। 

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परिवहन विभाग की तरफ से तैयार कैबिनेट नोट के ड्राफ्ट पर वित्त विभाग ने अपनी राय दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 28 अक्तूबर को भाई दूज पर योजना लांच करने की घोषणा बृहस्पतिवार को स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में की थी।

वित्त विभाग का कहना है कि ड्राफ्ट में फ्री पास के गलत इस्तेमाल को रोकने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। खासतौर से पीक आवर्स में। विभाग का कहना है कि बसों में यात्रियों की संख्या ज्यादा होने पर डीटीसी किस तरह सुनिश्चित करेगा कि मुफ्त पास का गलत इस्तेमाल नहीं हो रहा है। साथ ही विभाग ने आशंका जाहिर है कि योजना लागू होने से बसों में भीड़ बढ़ेगी। इससे महिलाओं की सुरक्षा का भी खतरा रहेगा।
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विभाग का कहना है कि ड्राफ्ट में सिर्फ 10 रुपये का ही टिकट देने का प्रस्ताव क्यों किया गया है। इसकी जगह पूरी यात्रा का टिकट क्यों नहीं दिया जा सकता। इसके अलावा वह कौन सी एजेंसी होगी, जो पास की छपाई करने के साथ-साथ  हिसाब-किताब रखेगी। इसके आधार पर ही सरकार डीटीसी को सब्सिडी दे सकेगी।

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डीटीसी खस्ताहाल, सरकार पर पड़ेगा सब्सिडी का बोझ

वित्त विभाग का मानना है कि डीटीसी की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है। फ्री पास देने से दिल्ली सरकार पर सब्सिडी के तौर पर बोझ पड़ेगा। ऐसी हालत में फ्री पास योजना को लागू करने की सलाह नहीं दी जा सकती है। खासतौर से जब 2018-19 में दिल्ली सरकार के कर राजस्व में सिर्फ 2.54 फीसदी और 2019-20 के पहली तिमाही में 1.71 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।

यही नहीं, अगर महिलाओं के लिए योजना लागू होती है तो वरिष्ठ नागरिक, छात्र व गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोग भी फ्री पास की मांग करेंगे। इसका असर सरकार पर भारी आर्थिक बोझ के तौर पर आएगा। वित्त विभाग की सलाह है कि योजना को गरीब व गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली महिलाओं तक सीमित किया जा सकता है।

मौजूदा बजट में नहीं है योजना का प्रावधान
वित्त विभाग का कहना है कि अगर दिल्ली कैबिनेट योजना को मंजूर करती है तो प्रशासनिक विभाग को तत्काल पर्याप्त बजट का इंतजाम करना होगा। इसकी वजह यह है कि 2019-20 के बजट में इस तरह की योजना का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में इसे नई सेवा के तौर पर देखा जाएगा। हालांकि, वित्त विभाग का मानना है कि योजना लागू होने पर विभाग पर्याप्त राशि का इंतजाम करेगा।

कैबिनेट नोट के ड्राफ्ट मुफ्त बिंदु
. महिलाओं का फ्री मासिक पास नहीं बनेगा, जितनी बार वे बस में चढ़ेंगी, परिचालक पिंक या येलो रंग का 10 रुपये का टिकट देगा।
. सरकारी नौकरी करने वाली महिलाओं को फ्री यात्रा के लिए देना पड़ेगा ट्रैवलिंग अलाउंस।
. सरकार पर सालाना करीब 360 करोड़ रुपये का पड़ेगा बोझ
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