दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकारी आवास में ही रहेंगे। इसके लिए केजरीवाल हर महीने किराया देंगे।
नियम के अनुसार पद छोड़ने के 15 दिवस के भीतर केजरीवाल को तिलक लेन के सी-2/23 सरकारी आवास खाली कर देना था अथवा समयावधि बढ़ाने को उन्हें चिट्ठी लिखनी चाहिए थी। हालांकि केजरीवाल ने पहले यह मांग की थी यह आवास उनकी आईआरएस पत्नी के नाम कर दिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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वहीं दूसरी ओर केजरीवाल के घर न छोड़ने पर शुरू हुई तरह-तरह की चर्चाओं पर आप नेता आशुतोष ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को घर खाली करने के लिए किसी भी तरह का नोटिस पीडब्ल्यूडी की ओर से नहीं मिला।
आशुतोष ने यह भी कहा कि केजरीवाल फिलहाल वह घर खाली नहीं करेंगे और जब तक वहां रहेंगे उसका किराया चुकाएंगे।
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बता दें कि नियम के मुताबिक यदि कोई भी मंत्री या अफसर नियत समय पर सरकारी आवास खाली नहीं करता तो उसे निर्धारित बाजार भाव से किराया देना पड़ता है। केजरीवाल इस मकान में रहेंगे तो उन्हें मासिक 2.58 लाख रुपये किराया चुकाना होगा।
लेकिन यह भी पक्का है कि बाजार दर से किराया देकर अधिकतम छह महीने तक रहा जा सकता है। दिल्ली सरकार ने गत दिनों मुख्यमंत्री शीला दीक्षित समेत तमाम मंत्रियों को बाजार दर से किराया भुगतान का नोटिस भेजा था। इस बीच पीडब्ल्यूडी ने उपराज्यपाल को एक फाईल मुख्यमंत्री या मंत्री के इस्तीफा देने के बाद 8 महीने तक रुकने की अनुमति के लिए भेजी है। इस प्रस्ताव को कानून, वित्त और पीडब्ल्यूडी से स्वीकृति मिल चुकी है।