दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने नौ स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाने की अनुमति मांगी थी, ताकि किसानों को वहां रखा जा सके। हालांकि अरविंद केजरीवाल सरकार ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने पुलिस को भेजे पत्र में कहा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का सांविधानिक हक है और इसके लिए उन्हें जेल में नहीं डाला जा सकता।
किसान मार्च के चलते दिल्ली मेट्रो ने ग्रीन लाइन पर छह स्टेशनों को बंद कर दिया। हालांकि शाम को सभी स्टेशन पर सेवा बहाल कर दी गई। डीएमआरसी का कहना है कि शनिवार से सेवा सामान्य हो जाएगी। इससे पहले, ग्रीन लाइन पर ब्रिगेडियर होशियार सिंह, बहादुरगढ़ सिटी, पंडित श्रीराम शर्मा, टीकरी बॉर्डर, टीकरी कलां और घेवरा स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए हैं।
इससे पहले मेट्रो ने कहा था कि शुक्रवार को मेट्रो सेवाएं सिर्फ दिल्ली से एनसीआर की ओर उपलब्ध होगी। एनसीआर के स्टेशनों से दिल्ली की ओर सेवा उपलब्ध नहीं होगी। वहीं प्रदर्शन के चलते दिल्ली के कई इलाकों में जाम लग गया।
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने यूपी में कई जगहों पर चक्काजाम किया। मुजफ्फरनगर में किसानों ने दिल्ली-देहरादून हाईवे को जाम कर दिया। बिजनौर, शामली, बागपत, सहारनपुर में भी भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
मुरादाबाद में भी किसानों ने दिल्ली हाईवे पर जाम लगाया। दिल्ली कूच कर रहे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत व किसानों को पुलिस ने मेरठ से पहले रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं रुके। भाकियू नेता धर्मेंद्र मलिक ने कहा, रात में किसान मेरठ सिलाया टोल प्लाजा पर ही रुकेंगे। शनिवार सुबह दस बजे किसानों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना होगा।