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बेटे की शादी को छोड़कर आंदोलन में डटे हैं पंजाब के किसान, मांगे पूरी होने से पहले नहीं लौटेंगे गांव

Wed, 16 Dec 2020 12:33 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बेटे की शादी छोड़ आंदोलन पर बैठे किसान - फोटो : amar ujala
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पंजाब के फिरोजगपुर के गांव मल्लावालां के किसान 58 वर्षीय गुरबचन सिंह को इंतजार है तो कृषि कानूनों को वापस लिए जाने का। अपने बेटे की इसी महीने शादी छोड़कर किसानों के समर्थन में पूरी तैयारी के साथ पहुंचे गुरबचन सिंह को पूरा विश्वास है कि किसानों को उनका हक मिलेगा। बेटे की शादी में शामिल होने से अधिक जरूरी कृषि कानूनों को रद्द करवाना है। यह भी उनके बेहतर भविष्य के लिए है, वरना किसानों के बच्चों के लिए आगे मुश्किलें इतनी बढ़ जाएंगी कि गुजारा मुश्किल होगा।

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गुरबचन सिंह सरीखे फिरोजपुर के ही कुलविंदर सिंह, दर्शन सिंह का कहना है कि खेती का काम पूरा कर आए हैं। थोड़ी बची हुई है तो उसे देखने के लिए घर में अन्य सदस्य भी हैं। कश्मीर सिंह ने कहा कि ने कहा कि गांव में उनके साथ पत्नी और बेटी हैं, जबकि पुत्र विदेश में काम करता है। बेटे ने भी कहा कि आप, इस आंदोलन में शामिल जरूर हो, क्योंकि यह किसानों के हक की लड़ाई है।

गुरबचन सिंह-गांव मल्लावांला, फिरोजपुर खेती का काम छूट गया, भाई और बच्चे हैं। इस महीने मेरे बेटे की शादी है, उसे छोड़कर आए हैं। मांगे मान लिए जाने के बाद ही लौटेंगे। दो छोटे भाई खेती देख रहा है तो एक मुलाजिम हैं। मेरा एक बेटा विदेश में हैं। लड़की और पत्नी है, खेती तो पानी लगा दिया, फसल नहीं लौटेंगे। कपड़े बहुत हैं, लोई, कंबल, रजाई, पांच-छह छह सूट लेकर आए हैं।

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