कोरोना वायरस के टीकाकरण को लेकर अब दिल्ली सरकार एक कदम और आगे बढ़ चुकी है। सरकार ने दिल्ली चुनाव आयोग से मतदाता सूची मांगी है जिसके आधार पर टीका लेने वालों का चयन किया जाएगा। आयोग की ओर से नई मतदाता सूची सरकार के साथ साझा की जाएगी। हर वार्ड में आशा और एएनएम कर्मचारियों के जरिए इनका रिकॉर्ड भी तैयार होगा। इस पूरे कार्य में करीब 20 से 25 दिन का वक्त लग सकता है। इसके बाद इन लोगों के नजदीक ही टीकाकरण केंद्र बनाया जाएगा जहां पहली डोज देने के बाद कुछ समय तक लोगों को चिकित्सीय निगरानी में रहना पड़ेगा।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक शीर्ष अधिकारी का कहना है कि टीकाकरण को लेकर सभी तैयारियां एक साथ चल रही हैं। राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी में भंडारण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहीं 600 के आसपास टीकाकरण केंद्र बनाने का फैसला लिया है। इन्हीं केंद्रों पर टीका के दुष्प्रभाव प्रबंधन की रिपोर्टिंग भी होगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण के तहत स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस और नगर निगम के कर्मचारी इत्यादि को टीकाकरण में शामिल करेंगे।
उन्होंने बताया कि 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को टीकाकरण में शामिल किया जाएगा। इन लोगों की जानकारी निकालने के लिए मतदाता सूची को आधार माना गया है। हालांकि दिल्ली में ऐसे भी बहुत से लोग हैं जिनकी आयु 50 या उससे अधिक वर्ष है लेकिन उनके पास दिल्ली का मतदाता कार्ड नहीं है। ऐसे में इन लोगों की फील्ड स्तर पर ही पहचान होगी। मतदाता सूची के आधार पर वार्ड वाइज आशा कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इन लोगों की पहचान करने के साथ साथ यह भी पता किया जाएगा कि इनमें से वर्तमान में जीवित और मृत हैं? इसके अलावा जिनके पास मतदाता कार्ड नहीं होगा उन्हें भी सूची में जोड़ा जाएगा।
नए मतदाता भी होंगे शामिल, एक जनवरी हो सकती कटऑफ
जानकारी के अनुसार दिल्ली में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव संपन्न हुआ है। इस सूची के अनुसार दिल्ली में कुल 1,47,86,382 मतदाता हैं। इनमें 81,05,236 पुरुष और 66,80,277 महिलाएं हैं। जिन लोगों की 100 वर्ष से अधिक आयु है उनकी संख्या 690 है। जबकि 80 या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 2,04,830 है। इनके अलावा जिनका नाम सूची में नहीं है उनकी संख्या अलग रह सकती है। हालांकि चुनाव आयोग की ओर से इस समय मतदाता जागरुकता को लेकर कार्यक्रम भी किया जा रहा है। इस दौरान नए मतदाताओं को भी सूची में जोड़ा जा सकता है। इसलिए 1 जनवरी 2021 तक की सूची के आधार पर चयन किया जा सकता है।
20 लाख लोग 50 से ऊपर
स्वास्थ्य विभाग अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में एक अनुमान के मुताबिक करीब 15से 20 लाख लोग 50 या उससे अधिक आयु वर्ष के हो सकते हैं। चूंकि इन लोगों तक पहुंचने का अन्य कोई तरीका नहीं है। इसलिए मतदाता सूची के आधार पर ही आगे बढने का फैसला लिया गया। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली को मिले दिशा निर्देशों में भी इसका जिक्र है।