शहर में पार्किंग के लिए नगर निगम पुणे मॉडल को अपनाने की तैयारी कर रहा है। मल्टीलेवल पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो शहर में पार्किंग की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।
निगमायुक्त डॉ. प्रवीण कुमार ने सोमवार को संयुक्त आयुक्त अंजू चौधरी, मुख्य अभियंता बीएस सिंगरोहा के साथ इस विषय पर चर्चा की। दोनों को इसका अध्ययन करने के निर्देश दिए। कुछ विशेषज्ञों को भी बुलाकर मंथन किया गया।
उन्होंने पुणे मॉडल का जिक्र किया तो प्रसिद्ध नक्शा नवीस गोपाल धीमान और दूसरे विशेषज्ञों ने पुणे मॉडल को शहर के लिए सबसे बेहतर और कारगर बताया। डॉ. कुमार ने हाइड्रोलिक प्लेटफार्म के लिए एजेंसियों से संपर्क करने के भी निर्देश दिए। बात दें कि इससे पहले कचरा निस्तारण के लिए नगर निगम ने पुणे मॉडल का अध्ययन किया है। इसके लिए उक्त मॉडल को अपनाने की तैयारियां की जा रही हैं।
क्या है पुणे मॉडल
पुणे नगर निगम में पार्किंग के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जाता है। एक क्रेन के सहारे प्लेटफार्म को किसी भी व्यस्त सड़क और भीड़भाड़ वाले स्थान पर खड़ा कर उसमें गाड़ियां खड़ी की जाती हैं। यह प्लेटफार्म मुश्किल से दो गाड़ियों का स्थान घेरता है। एक साथ इसमें 4 से लेकर 20 गाड़ियां तक खड़ी की जा सकती हैं। चार पहिया वाहन से लेकर दुपहिया वाहन खड़ा करने की इसमें व्यवस्था है।
नगर निगम के आयुक्त डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा, शहर के मिजाज को देखते हुए जरूरी है कि यहां खास सिस्टम विकसित किए जाएं। निसंदेह आज सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। आने वाले दिनों में यह और भयंकर होगी। इसके बारे में अभी से मंथन करना होगा। पुणे जाकर वहां के सिस्टम को स्टडी किया है।
बढ़ती आबादी और घटती जमीन के कारण इससे उपयुक्त विकल्प कुछ नहीं हो सकता है। मल्टीलेवल पार्किंग के कॉन्सेप्ट पर भी काम किया जा रहा है।’