राजधानी का सार्वजनिक बस परिवहन तेजी से इलेक्ट्रिक मॉडल की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में शामिल किए जाने के साथ ही दिल्ली के कुल सार्वजनिक बस बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की हिस्सेदारी 73 प्रतिशत से अधिक हो गई है। अब राजधानी में करीब 6,600 बसें हैं, जिनमें 4,845 इलेक्ट्रिक और 1,755 सीएनजी बसें शामिल हैं। दिल्ली सरकार का दावा है कि यह राजधानी में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन के विस्तार की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई बसों को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजधानी में स्वच्छ, सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028-29 तक दिल्ली में लगभग 14 हजार बसों का बेड़ा तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों की प्रमुख भूमिका होगी।
नए बेड़े में 195 नौ मीटर लंबी देवी श्रेणी की इलेक्ट्रिक बसें और 105 बारह मीटर लंबी आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। सभी बसें लो-फ्लोर और वातानुकूलित हैं। इनमें दिव्यांग यात्रियों के लिए सुगम प्रवेश, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, रीयल टाइम जीपीएस ट्रैकिंग, यात्री सूचना प्रणाली तथा अन्य आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार का कहना है कि शून्य टेलपाइप उत्सर्जन वाली ये बसें वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन कम करने के साथ यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर उपलब्ध कराएंगी।
तीन नए इलेक्ट्रिक बस डिपो से बढ़ेगी संचालन क्षमता...
बसों के साथ-साथ उनके संचालन के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे का भी विस्तार किया गया है। नरेला सेक्टर ए-1, नरेला सेक्टर ए-4, रिठाला और कोहाट एन्क्लेव में विकसित आधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन किया गया। नरेला के दोनों डिपो में कुल 250 देवी इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग क्षमता विकसित की गई है। यहां आधुनिक पार्किंग बे, आंतरिक सड़कें तथा संचालन एवं रखरखाव की सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोहाट एन्क्लेव डिपो में 30 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यहां प्रशासनिक भवन, सर्विस पिट, मरम्मत केंद्र, वॉशिंग पिट, स्टोर, सुरक्षा कक्ष और विद्युत सब-स्टेशन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। ऋठाला डिपो में 90 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग क्षमता तैयार की गई है, जिससे इलेक्ट्रिक बसों के रखरखाव और संचालन को गति मिलेगी।
नंद नगरी में शुरू हुआ स्वचालित फिटनेस परीक्षण केंद्र...
नंद नगरी डीटीसी डिपो में चार लेन वाले अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया। इस केंद्र में भारी, हल्के और दोपहिया वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह स्वचालित प्रणाली से होगी। इसकी वार्षिक क्षमता 52 हजार भारी एवं हल्के वाहनों तथा 20 हजार दोपहिया वाहनों की जांच करने की है। सरकार का दावा है कि इससे फिटनेस जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।