प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर में 20 नए एम्स की स्थापना की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन शुरुआती छह एम्स में खामियों पर लोक लेखा समिति (पीएसी) ने हैरानी जताते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। समिति ने संसद में एक रिपोर्ट भी पेश की है, जिसमें छह नए एम्स की स्थापना को लेकर कई खामियां उजागर हुई हैं। रिपोर्ट में समिति ने स्पष्ट लिखा है कि वे ऋषिकेश सहित देश के छह एम्स को लेकर स्तब्ध हैं। ऋषिकेश एम्स के लिए 960 बिस्तरों की मंजूरी थी, लेकिन इनका लाभ अभी तक नहीं मिला है।
उन्होंने हैरानी जताई है कि साल 2011 से 2017 के बीच भोपा, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर और ऋषिकेश एम्स को 3285 करोड़ रुपये आवंटित हुए, जिनमें मार्च 2017 तक 1267 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं हुए। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्माण एजेंसियों, पर्याप्त स्टॉफ नहीं मिलना और सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू नहीं करना बताया। ये रिपोर्ट संसद में भी पेश की गई। छह एम्स में 43 से लेकर 84 फीसदी तक बिस्तरों की कमी बताई गई है।