'भारत रत्न यदि पहले दे दिया जाता तो ज्यादा अच्छा होता। अब दिया गया है तो भी खुशी की बात है।' यह कहना है पंडित मदन मोहन मालवीय की पोती विजया पारिख (90) का।
हालांकि, भारत रत्न मिलने की सूचना उन्हें स्वयं मीडिया से ही मिली। वह सेक्टर-55 स्थित वृद्धा आश्रम में रह रही हैं। सेवाश्रम की संचालिका नीलिमा मिश्रा ने बताया कि मालवीय की पौत्री काफी समय से यहां रह रही हैं।
विजया ने बताया कि उन्हें अपने दादा पंडित मालवीय पर गर्व है। केवल इसलिए नहीं है कि उनको भारत रत्न मिल रहा है बल्कि उनकी विचारधारा के लिए मैं उन पर गर्व करती हूं।
बुधवार सुबह पंडित मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न मिलने की सूचना पर वह आश्चर्य चकित हो गईं। उनका कहना था कि क्या यह सूचना सही है। क्योंकि अभी तक उनको इस बारे में भारत सरकार या परिवार के किसी सदस्य के द्वारा सूचित नहीं किया गया है।