पुलिस उसकी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर है तथा उसके परिवार के लोगों पर भी निगरानी रखे हुए हैं। शुक्रवार को भी अस्पताल में नरेश की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा जैसे ही पलवल पुलिस अधिकारियों को यह सूचना दी गई कि नरेश को पूरी तरह से होश आ गया है।
उसे आइसीयू से अलग कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है, तुरंत ही शहर थाना प्रभारी अश्वनी कुमार व अन्य स्थानीय पुलिस कर्मी सफदरजंग अस्पताल के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचते ही जब ही थाना प्रभारी ने नरेश से मिलने का प्रयास किया गया तो मौजूद स्टाफ ने उन्हें नरेश के कमरे में जाने से रोक दिया गया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्टाफ ने थाना प्रभारी को यह कहर नरेश से नहीं मिलने दिया कि नरेश का इलाज करने वाले डाक्टर कि जब तक अनुमति नहीं होगी, तब तक नरेश से कोई नहीं मिल सकता। अब थाना प्रभारी देर शाम तक नरेश से मिलने के प्रयास में अस्पताल में मौजूद थे।
पुलिस अब इस प्रयास में है कि जैसे ही डाक्टर की अनुमति मिले तो तुरंत ही आरोपी नरेश से मिले और उसके बयान लेने के बाद उसे गिरफ्तार कर पलवल लेकर आए। उधर पुलिस द्वारा गठित की गई एसआइटी द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
एसआइटी आरोपी नरेश व उसकी पत्नी सीमा के मोबाइल फोन की 31 दिसंबर व एक जनवरी को हुई काल की डिटेल खंगालने में लगी है कि कहां-कहां उनके फोन हुए हैं। इसके अलावा पुलिस ओमेक्स में नरेश के फ्लैट के आसपास रहने वाले लोगों तथा नरेश के ससुराल वालों के पड़ोसियों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाने के प्रयास में है। इस बारे में अब फिलहाल कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ भी बताने से कतरा रहा है।