साथ ही सरकारी संपत्ति के आसपास निर्माण के लिए जिलाधिकारी से एनओसी लेनी होती है, जो कि निर्माणकर्ता के पास नहीं है। इन्हीं के नजदीक अजय वर्मा और राकेश गुप्ता का मकान बन रहा था।
इन्हें भी सील कर दिया गया। मामले में विभागीय स्तर से कार्रवाई की जा रही है। जबकि अशोक प्रधान का कहना है कि बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की ओर से उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है।
आवास का नक्शा पास है। किसी आवश्यक कार्य से बाहर हूं। वापस लौटने पर मामले को दिखवाऊंगा।