फरीदाबाद में राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ शुक्रवार को हजारों कर्मचारियों ने सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। गिरफ्तारियां दीं।
सरकार द्वारा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की नीति में लगाई गैर जरूरी शर्तों को न हटाने, स्वास्थ्य विभाग की केन्द्रीय परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों व डाक्टरों को पक्का करने की नीति में शामिल न करने के खिलाफ कर्मचारियों ने नारेबाजी की।
प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाई गई दस रोडवेज की बसों के भरने के बाद बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों से वंचित कर्मचारियों ने और बसें मंगवाने के लिए प्रदर्शन किया।
जिसके बाद मौके पर तैनात एसडीएम व पुलिस के आला अधिकारियों ने कर्मचारियों को गिरफ्तार करने और गिरफ्तार किये गये कर्मचारियों को रिहा करने की घेषणा की। कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी नहीं सुनी गई तो विधानसभा चुनाव में सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
अलग-अलग विभागों के कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए टाऊन पार्क में एकत्रित हुए और वहां से जिला उपायुक्त कार्यालय पर गिरफ्तारी देने पहुंचे।
इस कार्यक्रम की वजह से सरकारी विभागों में कार्य प्रभावित रहा। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर निगम, बिजली निगम, पर्यटन, जनस्वास्थ्य, स्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, हुडा, महिला एवं बाल विकास, वन, मंडी बोर्ड मार्केट कमेटी, आईटीआई, शिक्षा, खाद्य एवं आपूर्ति, उद्योग, खजाना, आयुर्वेद, समाज कल्याण एवं कृषि विभाग के कर्मचारी शामिल रहे।
इन मांगों को लेकर आंदोलन:
-सरकार पक्का करने की नीति से सभी शर्तों को हटाकर दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को पक्का करे।
-इस नीति में स्वास्थ्य विभाग की परियोजनाओं व पंचायती राज संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को भी शामिल करे।
-सभी विभागों से ठेका प्रथा समाप्त हो।
-कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा मिले।
-न्यूनतम वेतन 15,000 रुपये हो।