फरीदाबाद में रेलवे स्टेशन पर ऑटो-रिक्शा स्टैंड की मांग को लेकर मंगलवार को चालकों ने दैनिक यात्री संघ के प्रधान बाबूलाल शर्मा के नेतृत्व में स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया।
रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने रेल प्रशासन को तीन महीने का समय देते हुए आमरण अनशन व भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।
बाबूलाल शर्मा ने कहा कि 1957 से रेलवे स्टेशन पर तांगे खडे़ हुआ करते थे। 1960 में रिक्शा स्टैंड तथा 1980 में यहां ऑटो स्टैंड बनाकर रेलवे प्रशासन उनसे 200 रुपये प्रतिमाह स्टैंड शुल्क वसूल करता था। 2011 में स्टेशन का नक्शा ही बदल गया।
इसकी वजह से रिक्शा व ऑटों चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नया भवन बनने से अब यहां रिक्शा व ऑटो खड़ा करने के लिए जगह ही नहीं बची है। गाड़ियों के आने पर यात्रियों की संख्या अधिक हो जाने के कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
शर्मा ने कहा कि इस समस्या के बारे में डीआरएम नॉर्दर्न रेलवे समेत लोकल स्तर पर अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रदर्शन में रणवीर खटाना, मुरारी, नरेश कुमार शर्मा और कदीर खान समेत दर्जनों चालक उपस्थित थे।