दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग, महिला संगठनों ने जमकर की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में शनिवार को कई महिला और छात्र संगठनों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठनों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ मारपीट, छेड़छाड़ और अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्होंने कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस को 48 घंटे का समय दिया है।
प्रदर्शन में क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस), ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन (एडवा), नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन विमेन (एनएफआईडब्ल्यू) और ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेंस एसोसिएशन (एपवा) समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
महिला प्रदर्शनकारियों से मारपीट और उत्पीड़न का आरोप
केवाईएस की राष्ट्रीय प्रवक्ता मुदिता ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों को पीटा गया और सड़कों पर घसीटा गया। उन्होंने पुरुष पुलिसकर्मियों पर छेड़छाड़ और हिरासत के दौरान यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगाए। संगठनों का दावा है कि कुछ महिलाओं को शाम छह बजे के बाद गिरफ्तार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला प्रदर्शनकारियों को दूर-दराज के हिरासत केंद्रों में ले जाया गया, जिससे रिहाई के बाद उनके लिए सुरक्षित तरीके से घर लौटना मुश्किल हो गया। प्रदर्शनकारियों ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग
प्रदर्शनकारी संगठनों ने महिलाओं, ट्रांसजेंडर और नॉन-बाइनरी लोगों के साथ प्रदर्शन के दौरान कथित दुर्व्यवहार पर जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों, पुलिस वाहनों और हिरासत केंद्रों में यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की अपील की। संगठनों का कहना है कि महिलाओं को डराकर या अपमानित करके सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने से नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने दिल्ली पुलिस से मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।