फरीदाबाद को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए दो वर्ष पहले शुरू हुई मांग आंदोलन का रूप ले चुकी है। पॉलीथिन पर रोक नहीं लगने से गुस्साए भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के सदस्यों ने तीन दिन से सेक्टर-12 में चल रहे धरना को आमरण अनशन में बदलने की चेतावनी दी है।
सदस्यों का आरोप है कि लगातार प्रशासन और विभागों से मांग के बाद भी पॉलीथिन पर प्रतिबंध नहीं लग रहा। पॉलीथिन के खतरे को भांपते हुए दो वर्ष से इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठ रही है।
लोगों के विरोध के बाद भी धड़ल्ले से पालीथिन का इस्तेमाल हो रहा है। प्रशासन की अनदेखी से गुस्साए युवा भारत के राज्य प्रभारी रविंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन मामले की गंभीरता को नहीं ले रहा है। कूड़े में पड़ी पॉलीथिन खाकर पशु मर रहे हैं और मेनहोल व नालियां चोक हो रही हैं।
नौ जून को शुरू हुए धरने के बाद भी प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। ऐसे में आमरण अनशन कर इस ओर लोगों का ध्यान खींचना है। जिससे आने वाली पीढ़ी को पॉलीथिन के खतरे से बचाया जा सके।